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अम्बिकापुर : फायर सेफ्टी सिस्टम दुरुस्त नहीं, 24 कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों को कारण बताओ नोटिस जारी

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अम्बिकापुर : फायर सेफ्टी सिस्टम दुरुस्त नहीं, 24 कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों को कारण बताओ नोटिस जारी


अम्बिकापुर, 25 जून (हि.स.)। दिल्ली, लखनऊ और पटना के कोचिंग सेंटरों व होटलों में हुए भीषण अग्निकांडों से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ का सरगुजा प्रशासन इस समय बेहद सख्त और एक्शन मोड में नजर आ रहा है। राज्य सरकार के विशेष निर्देश पर अम्बिकापुर में चलाए जा रहे दो दिवसीय गहन फायर सेफ्टी ऑडिट में शहर के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।

दमकल विभाग की जांच में एक भी संस्थान सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए 24 निजी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। साफ चेतावनी दी गई है कि अगर एक सप्ताह के भीतर इन संस्थानों ने पर्याप्त फायर सेफ्टी सिस्टम दुरुस्त नहीं किए और प्रवेश मार्ग व सीढ़ियों की चौड़ाई नहीं बढ़ाई, तो बिना किसी रियायत के सीधे तालाबंदी (सीलिंग) की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस विशेष जांच अभियान के दौरान अम्बिकापुर की तंग गलियों में संचालित हो रहे इन संस्थानों में सुरक्षा को लेकर भयानक लापरवाही और अवेयरनेस की भारी कमी देखने को मिली। कई रसूखदार संस्थानों में या तो आग बुझाने वाले यंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) सिरे से गायब थे, और जहाँ लगे भी थे, वे एक्सपायर हो चुके थे यानी आपातकाल में पूरी तरह कबाड़ साबित होते।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई कोचिंग और हॉस्टल्स ऐसी संकरी गलियों में धड़ल्ले से चल रहे हैं, जहाँ खुदा न खास्ता कोई हादसा होने पर दमकल की गाड़ी का दाखिल होना भी नामुमकिन है। छात्रों की जिंदगी को दांव पर लगाकर चलाए जा रहे इस काले कारोबार पर अब विभाग ने अंतिम अल्टीमेटम थमा दिया है।

फायर सेफ्टी प्रभारी अंजनी तिवारी ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए साफ किया कि हालिया दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए दर्दनाक हादसों को देखते हुए शहर में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला अग्निशमन अधिकारी के आदेश पर खुद उनकी टीम ने जमीन पर उतरकर 10 से 12 बड़े संस्थानों का औचक निरीक्षण किया, जहाँ कमियों का अंबार मिला।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा; सुधार न करने वालों के खिलाफ सीधे ताला लगाने की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि प्रशासन इससे पहले भी जिले के स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक इकाइयों, राइस मिलों और कोल्ड स्टोरेज का ऑडिट कर चुका है, लेकिन इस बार हॉस्टल और कोचिंग सेंटरों पर कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह