सीलबंद गोदाम से खाद बेच दिया गया, कांग्रेस की जांच समिति के दबाव में की गई कार्रवाई : रेखचंद जैन
जगदलपुर, 25 जून (हि.स.)। बस्तर जिले के नानगुर में सामने आए उर्वरक चोरी और अनियमितता के मामले को लेकर कांग्रेस ने आज गुरूवार काे आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने भाजपा सरकार और कृषि विभाग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अनन्या कृषि केंद्र से जुड़े मामले में कृषि विभाग की लापरवाही के कारण सीलबंद गोदाम से खाद की अवैध निकासी और बिक्री हुई।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की जांच समिति बनने के बाद ही विभाग ने कार्रवाई शुरू की। कांग्रेस ने खाद की बढ़ती कीमतों, किल्लत और किसानों की परेशानियों को भी मुद्दा बनाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से आगामी धान खरीदी के लिए 4000 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की है। रेखचंद जैन ने कहा कि सरकार किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब दे।
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि अनन्या कृषि केंद्र के निजी गोदाम को कृषि विभाग ने अनियमितताओं के कारण सील किया था। इसके बावजूद पंचनामा बनाकर गोदाम को आरोपियों के सुपुर्द कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी पुलिस को भी नहीं दी गई। उन्हाेने दावा किया कि गोदाम में रखी 338 बोरी पोटाश का कोई वैध दस्तावेज नहीं था। वहीं 1320 बोरी यूरिया रिपा गोठान में रखी गई थी, जो सीलबंद थी। उनके अनुसार बाद में सील तोड़कर खाद को बाजार में बेच दिया गया। रेखचंद जैन ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इससे किसानों की लागत बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में खाद की कमी बनी हुई है, जिसके कारण किसानों को पड़ोसी राज्य ओडिशा से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान परेशान हैं।
रेखचंद जैन ने कहा कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी। कांग्रेस ने जब सात सदस्यीय जांच समिति बनाई और मामले को उठाया, तब कृषि विभाग सक्रिय हुआ। उन्होंने कहा कि इसके बाद विभाग ने जांच दल गठित किया और एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मामले में दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। साथ ही अनन्या कृषि केंद्र के संचालक का लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। जैन ने सवाल उठाया कि यदि मामला इतना गंभीर था तो विभाग पहले कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा था।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

