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उर्वरक दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा: औचक निरीक्षण में तीन केंद्रों में मिली गंभीर

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उर्वरक दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा: औचक निरीक्षण में तीन केंद्रों में मिली गंभीर


धमतरी, 27 जून (हि.स.)। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं पर निगरानी कड़ी कर दी है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन कृषि केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मौके पर पंचनामा तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई।

निरीक्षण में ग्राम कोलियारी स्थित हर्षिका कृषि केंद्र, ग्राम अर्जुनी के अंगारमोती कृषि केंद्र तथा तहसील मगरलोड के ग्राम बोरसी स्थित साहू कृषि केंद्र में स्टाक पंजी एवं पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। साथ ही स्टॉक पंजी अद्यतन नहीं था, वितरण पंजी में किसानों के हस्ताक्षर दर्ज नहीं मिले, किसानों को कैश मेमो जारी नहीं किया जा रहा था तथा निर्धारित विक्रय दर का बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं किया गया था।

इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संयुक्त टीम ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं ग्राम खरेंगा स्थित पुरुषोत्तम कृषि केंद्र, ग्राम सम्बलपुर के कृषि केंद्र तथा ग्राम कुहकुहा स्थित चंद्राकर कृषि केंद्र के निरीक्षण में पीओएस मशीन के रिकार्ड, भौतिक स्टॉक एवं सभी आवश्यक अभिलेख संतोषजनक पाए गए। इन केंद्रों पर निर्धारित विक्रय दर सहित आवश्यक सूचनाओं का प्रदर्शन भी नियमानुसार किया गया था।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में उर्वरकों के भंडारण, विक्रय और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण जारी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा