home page

बिजली दरें घटाने, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने और फसल क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

 | 
बिजली दरें घटाने, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने और फसल क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन


बिजली दरें घटाने, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने और फसल क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन


धमतरी, 04 अगस्त (हि.स.)। बिजली की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने, स्मार्ट मीटर योजना निरस्त करने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू करने तथा वर्षा से प्रभावित किसानों को शीघ्र फसल क्षतिपूर्ति देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ किसान यूनियन, जिला धमतरी ने मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था ने किसान, मजदूर तथा आम उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि पहले जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल 100, 200 या 500 रुपये तक आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई लोगों के बिल एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

यूनियन ने आरोप लगाया कि, सामान्य बिजली मीटर हटाकर बिना पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिससे लोगों में असंतोष है। ज्ञापन में मांग की गई कि बिजली की बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस ली जाएं, स्मार्ट मीटर योजना निरस्त की जाए तथा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुनः शुरू कर आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। इसके साथ ही लगातार वर्षा से प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान करने की भी मांग की गई। यूनियन के अनुसार अंचल के बारना, बंजारी, नवागांव, देवपुर, उड़ेना, सेमरा सहित अन्य गांवों की लगभग 360 एकड़ कृषि भूमि जलभराव और अत्यधिक वर्षा से प्रभावित हुई है। किसान सुदर्शन सिंह की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और उन्हें दोबारा थरहा लाकर धान की रोपाई करनी पड़ेगी। वहीं बलियारा क्षेत्र में भी करीब 40 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित बताई गई है। नवागांव निवासी किसान रघुनाथ साहू ने कहा कि प्रशासन को प्रभावित गांवों का जमीनी स्तर पर सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन करना चाहिए तथा किसानों को बिना देरी के मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष घनाराम साहू ने बताया कि कंडेल क्षेत्र में भी लगभग डेढ़ सौ एकड़ खेती वर्षा से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि समय पर क्षतिपूर्ति मिलने से किसान दोबारा खेती की तैयारी कर सकेंगे और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और आम उपभोक्ताओं की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा