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किसानाें को नैनो उर्वरकों से मिल रहा सकारात्मक परिणाम, कम लागत हुआ अधिक उत्पादन

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किसानाें को नैनो उर्वरकों से मिल रहा सकारात्मक परिणाम, कम लागत हुआ अधिक उत्पादन


नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को बताया प्रभावी विकल्प

रायपुर, 11 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया जैसे उन्नत उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

सहकारी समितियों के माध्यम से खाद, बीज एवं कृषि आदान राशि की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने से किसान नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मोहला अंतर्गत ग्राम झरन के प्रगतिशील कृषक चैतराम भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जो आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक उन्नत और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 16 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करने वाले चैतराम का परिवार लंबे समय से कृषि कार्यों से जुड़ा हुआ है। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ उन्होंने अपनी खेती की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

हाल ही में सहकारी समिति से खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक कृषि सामग्री प्राप्त करने पहुंचे चैतराम ने नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया भी लिया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग एवं सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें इन उर्वरकों की जानकारी मिली थी। पिछले वर्ष उन्होंने अपनी फसलों में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया था, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। इससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन क्षमता में भी सुधार देखने को मिला।

चैतराम के अनुसार वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया किसानों के लिए एक प्रभावी और नवाचारपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जो फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके बेहतर अवशोषण में भी सहायक हैं। उन्होंने बताया कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, जिससे उनकी वृद्धि एवं विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

चैतराम ने कहा कि किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और अधिक से अधिक किसान इनके उपयोग में रुचि दिखा रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से खेती अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और लाभकारी बन रही है। साथ ही, समय पर खाद एवं बीज की उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस वर्ष उन्हें सहकारी समिति में आवश्यक कृषि सामग्री आसानी से उपलब्ध हो गई, जिससे खेती की तैयारी समय पर पूरी करने में मदद मिली।

चैतराम का मानना है कि कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचार किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक उर्वरकों के उपयोग से खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वें अपने आस पास के किसान भाइयों को भी बदलते समय के साथ नई तकनीकों को अपनाने को प्रेरित करते हैं, ताकि वें भी बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सके।

चैतराम ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को खाद, बीज, नैनो डीएपी, नैनो यूरिया सहित आदान राशि समय पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे खेती के कार्यों में सुविधा हो रही है और किसान बिना किसी बाधा के अपने कृषि कार्यों को आगे बढ़ा पा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल