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छत्तीसगढ़ में खेती को मिली रफ्तार: समय पर खाद-बीज और मानसून से उत्साहित किसान

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छत्तीसगढ़ में खेती को मिली रफ्तार: समय पर खाद-बीज और मानसून से उत्साहित किसान


कोरबा, 16 जुलाई (हि. स.)। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान समय पर मानसून, कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता और किसानों के हित में संचालित योजनाओं का सकारात्मक असर खेतों में साफ दिखाई दे रहा है। कोरबा जिले के किसान पूरे उत्साह के साथ धान की रोपाई में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर खाद-बीज मिलने और धान के बेहतर समर्थन मूल्य की व्यवस्था से खेती पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बन रही है।

कोरबा जिले के ग्राम सकदुकला निवासी किसान कँवल सिंह इन दिनों अपने तीन एकड़ कृषि भूमि में धान की रोपाई कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों के सहयोग से खेतों में खेती का कार्य तेजी से चल रहा है। उनका कहना है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनके परिवार की पहचान और भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।

कँवल सिंह ने बताया कि इस वर्ष समय पर मानसून आने से खेतों की जोताई और धान की रोपाई निर्धारित समय पर शुरू हो गई। इससे खेती का पूरा चक्र बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रहा है। वे हर वर्ष की तरह इस बार भी बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ धान की खेती कर रहे हैं और मौसम भी उनके अनुकूल बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि इस बार खेती के लिए आवश्यक कृषि आदान सामग्री समय पर मिलने से किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने भैंसमा सहकारी समिति से डीएपी, यूरिया, सुपर फॉस्फेट सहित आवश्यक उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री आसानी से प्राप्त कर ली। समय पर खाद और उर्वरकों की उपलब्धता से खेती की तैयारियां बिना किसी रुकावट के पूरी हुईं और फसल की अच्छी बढ़वार के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध हो गए।

कँवल सिंह का कहना है कि किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात समय पर कृषि संसाधनों की उपलब्धता और उपज का उचित मूल्य है। उनका मानना है कि धान के समर्थन मूल्य, अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान तथा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद-बीज की सहज उपलब्धता जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। इन सुविधाओं के कारण खेती पहले की तुलना में अधिक आसान, व्यवस्थित और लाभदायक हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के प्रयासों का असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। खरीफ सीजन के दौरान समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और किसानों को आवश्यक सहयोग देने से खेती का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

किसान कँवल सिंह का कहना है कि यदि इसी प्रकार किसानों को समय पर खाद, बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें तथा उपज का उचित मूल्य मिलता रहे, तो खेती और अधिक समृद्ध होगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान खेतों में ट्रैक्टरों की आवाज, धान की रोपाई में जुटे किसान और कृषि कार्यों की बढ़ती रफ्तार इस बात का संकेत है कि मजबूत कृषि व्यवस्था और समय पर उपलब्ध संसाधनों से छत्तीसगढ़ का कृषि क्षेत्र नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों का बढ़ता आत्मविश्वास राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की ओर संकेत कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी