बेदखली नोटिस से आक्रोशित परिवार का आमरण अनशन
धमतरी, 23 मार्च (हि.स.)। ग्राम रावनगुडा के एक परिवार ने बेदखली नोटिस से आहत होकर साेमवार काे तहसील कार्यालय कुरुद के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पीड़ित ईश्वरी और राजेंद्र मिरे का आरोप है कि ग्राम पंचायत बकली द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
परिवार का कहना है कि गांव में अन्य लोग भी संबंधित जमीन पर लंबे समय से कृषि कार्य कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके खिलाफ ही की जा रही है। इस एकतरफा कार्रवाई से नाराज होकर उन्होंने न्याय की मांग को लेकर अनशन का रास्ता चुना है। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप जांगड़े ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि पंचायत का रवैया पक्षपातपूर्ण है और प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाना चाहिए। वहीं बसपा नेता आशीष रात्रे ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया और आरोप लगाया कि जिले में सतनामी समाज के लोगों के साथ लगातार अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। इधर, भाजपा नेता धन्नू जांगड़े ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के लोग एकजुट होकर पीड़ित परिवार के समर्थन में डटे हुए हैं।
आंदोलन में प्रेमलाल कुर्रे, डीकेश्वरी, फुलेश्वरी, विकास सिरमौर, भारती, किरण बांधे, मोहनी सिरमौर, सरोजिनी मिरे, ज्योति, भुनेश्वरी, सुनीता, भांति बांधे, धार्मिन, पायल, रानी लहरे, भारती सोनवानी, अन्याया, गरिमा, युगल, दिव्या, देवप्रसाद बांधे और राजेंद्र साहू सहित अनेक लोग शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

