बिजली दर वृद्धि जनविरोधी, फैसला वापस ले सरकार : जयसिंह अग्रवाल
कोरबा, 18 जून (हि. स.)। पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई वृद्धि को जनविरोधी, किसान विरोधी और मध्यम वर्ग के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। आज गुरुवार को तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई बिजली दरों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।
जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि एक ओर प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि नई दरें लागू होने के बाद घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ जाएंगे, जिससे परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होगा।
उन्होंने कांग्रेस शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवारों को राहत मिली थी, जबकि वर्तमान सरकार ने राहत की योजनाओं को सीमित कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार जनता की आय बढ़ाने में विफल रही है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ा रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि का असर केवल बिजली बिल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र की लागत बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं के दाम भी प्रभावित होंगे। दूध, सब्जी, किराना, होटल, दुकानों और अन्य सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका है।
प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अग्रवाल ने कहा कि कई क्षेत्रों में अब भी बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और हाई-वोल्टेज जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने पूछा कि जब उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है तो दरों में वृद्धि का औचित्य क्या है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि बिजली दर वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए, गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विशेष पैकेज लागू किया जाए तथा बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो कांग्रेस जनता के हित में सड़क से सदन तक आंदोलन जारी रखेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

