60 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग की नजर
धमतरी, 01 अक्टूबर (हि.स.)। जिला शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा में कमजोर परिणाम वाले स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले सत्र में 60 प्रतिशत से कम परिणाम वाले 29 स्कूल चिन्हित किए गए हैं। इनके शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। 29 सितंबर से शुरू अभियान के तहत गुरुवार को डीईओ मधुलिका तिवारी ने सोरम और शंकरदाह स्कूल का निरीक्षण कर शैक्षणिक स्थिति परखी।
सोरम स्कूल में निरीक्षण के दौरान कक्षा 10 वीं में गणित और कक्षा 12 वीं कला संकाय में अंग्रेजी विषय का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला। डीईओ ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की विषयवार स्थिति की जानकारी ली और कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उपचारात्मक शिक्षण कराने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की काउंसलिंग और पालकों से लगातार संपर्क रखने पर भी जोर दिया गया। वहीं मेधावी विद्यार्थियों के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने कहा गया, ताकि उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को और बेहतर बनाया जा सके।
वहीं शंकरदाह स्कूल में विद्यार्थियों का शैक्षणिक प्रदर्शन कक्षा के अपेक्षित स्तर से नीचे पाया गया। यहां संस्था प्रमुख को विद्यार्थियों से नियमित रूप से दो प्रश्नों के उत्तर लिखित रूप में कराने और प्रत्येक पखवाड़े इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए। इससे विद्यार्थियों की विषय समझ और लिखने की क्षमता की प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान स्कूल का किचन गार्डन और शौचालय भी अव्यवस्थित मिला जिसे व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। वहीं माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर हायर सेकेंडरी की तुलना में संतोषजनक पाया गया।
29 स्कूलों का परिणाम 60 प्रतिशत से कम
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सत्र 2025-26 की कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा में जिले के 27 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा। इनमें 10 स्कूल ऐसे हैं, जिनका परिणाम 50 प्रतिशत से भी नीचे दर्ज किया गया। वहीं कक्षा 12 वीं बोर्ड परीक्षा में दो स्कूलों का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा। इनमें एक स्कूल का परिणाम 50 प्रतिशत से नीचे है। इस तरह दोनों कक्षाओं के कुल 29 स्कूलों को कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के रूप में चिन्हित किया गया है। जिला शिक्षा विभाग का निरीक्षण दल चिन्हित स्कूलों में पहुंचकर शैक्षणिक गतिविधियों और सुधार कार्यों की निगरानी करेंगे। जानकारी के अनुसार कक्षा 10 वीं में 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले 10 स्कूलों में धमतरी ब्लाक के सोरम 47.37, दोनर 44.74 और बारना 43.75 प्रतिशत शामिल हैं। कुरुद में दहदहा 38.67 और सेजेस हिंदी 32.20 प्रतिशत रहा।
मगरलोड में सोनझरी 46.66, मोहरेंगा 43.47 और बिरझुली 40.74 प्रतिशत तथा नगरी में पीवीजीटीआरएस 42.86 और देवपुर 33.90 प्रतिशत परिणाम रहा। कक्षा 12 वीं में नगरी के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल देवपुर का परिणाम 42.22 प्रतिशत रहा। इस तरह 10 वीं के 10 और 12 वीं के एक स्कूल समेत कुल 11 स्कूल 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले हैं। डीईओ मधुलिका तिवारी ने कहा कि मासिक टेस्ट और त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों की समीक्षा के साथ आगामी बोर्ड परीक्षा के परिणाम बेहतर करने पर विभाग का फोकस है। संस्था प्रमुखों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को शैक्षणिक लक्ष्यों की प्राप्ति और बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए सजग एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

