कचना में सैंड फिल्टर से स्वच्छ जल और रोजगार की दोहरी सुविधा
धमतरी, 06 अक्टूबर (हि.स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत गांवों में विकास की बड़ी तस्वीर ऐसी छोटी-छोटी पहलों से आकार ले रही है, जो सीधे लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं। कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत कचना में सामुदायिक जल स्रोत के लिए निर्मित सैंड फिल्टर इसका उदाहरण है। हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में बनाया गया यह सैंड फिल्टर केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों की मूलभूत जरूरत पूरी करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने वाली टिकाऊ परिसंपत्ति के रूप में सामने आया है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय परिसर और सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध जल स्रोत का उपयोग विद्यार्थियों एवं आसपास के ग्रामीणों द्वारा किया जाता है। ऐसे में जल स्रोत को अधिक उपयोगी बनाने के लिए सैंड फिल्टर का निर्माण स्थानीय जरूरत के अनुरूप किया गया है। इससे जल को छानने की प्राकृतिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और स्वच्छ जल के प्रति ग्रामीणों का भरोसा मजबूत होगा।
ग्राम पंचायत कचना में यह कार्य विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वीकृत किया गया। इसके लिए 0.62 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति चार अगस्त 2026 को प्रदान की गई। सैंड फिल्टर का आकार दो मीटर लंबा और डेढ़ मीटर चौड़ा है। कार्य की शुरुआत 14 जून 2026 को हुई और 12 सितंबर 2026 को इसे पूर्ण कर लिया गया। कार्य की खासियत यह रही कि इससे गांव की आवश्यकता पूरी होने के साथ स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी मिला। निर्माण कार्य में कुल 36 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ तथा श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित 300 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी दी गई। इस तरह ग्रामीण परिवारों को गांव में ही काम मिला और उनके श्रम से ऐसी परिसंपत्ति तैयार हुई, जिसका लाभ लंबे समय तक पूरे समुदाय को मिल सकेगा।
कचना का यह कार्य ग्रामीण विकास की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखकर उससे टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है। श्रम से बनी परिसंपत्ति गांव की जरूरत पूरी करे और आने वाले समय में भी उसका लाभ मिलता रहे, यही इसकी सार्थकता है। विद्यालय मैदान में सैंड फिल्टर बनने से विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदाय को सुविधा मिलने के साथ स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा। कचना में निर्मित सैंड फिल्टर इसी दोहरी सोच को साकार करता है: आज के लिए रोजगार और आने वाले कल के लिए सुविधा। स्थानीय श्रम से बनी यह परिसंपत्ति स्वच्छ जल, सामुदायिक उपयोगिता और टिकाऊ ग्रामीण विकास की दिशा में एक सार्थक कदम है।
रोजगार के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का किया जा रहा निर्माण:जयंत नाहटा
जिला पंचायत सीईओ धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसी टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जिनका लाभ समुदाय को लंबे समय तक मिलता रहे। ग्राम पंचायत कचना में सामुदायिक जल स्रोत के लिए निर्मित सैंड फिल्टर इसका अच्छा उदाहरण है। इस प्रकार के कार्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के साथ गांव की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

