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कोरबा में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव: मंत्री लखन लाल देवांगन बोले- शिक्षा से बड़ा कोई धन नहीं, लक्ष्य तय कर मेहनत करें विद्यार्थी

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कोरबा में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव: मंत्री लखन लाल देवांगन बोले- शिक्षा से बड़ा कोई धन नहीं, लक्ष्य तय कर मेहनत करें विद्यार्थी


कोरबा, 30 जून (हि. स.)। कोरबा विकासखंड के ग्राम भैंसमा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने की। इस दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें गणवेश, पाठ्यपुस्तक, अध्ययन सामग्री तथा सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को साइकिल वितरित की गई।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति रही। स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का अभिनंदन किया।

मंत्री लखन लाल देवांगन ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, शिक्षा से बड़ा कोई धन नहीं होता। यह जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसका कभी बंटवारा नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य तय कर पूरी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित विद्यालय आना, शिक्षकों का सम्मान करना और जिम्मेदार नागरिक बनना प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में रुचि लेने और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।

मंत्री देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, सरस्वती साइकिल योजना, मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क गणवेश और पाठ्यपुस्तकों सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए भी श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से विद्यालयों में पौष्टिक नाश्ते की व्यवस्था, मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति, अधोसंरचना विकास और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही कोरबा जिले में ही मेधावी विद्यार्थियों के लिए नीट और जेईई की उच्च स्तरीय निःशुल्क तैयारी की व्यवस्था की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भैंसमा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में डबल स्टोरी भवन (द्वितीय तल) निर्माण और बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा भी की।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र नई उम्मीदों और नए संकल्पों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डीएमएफ के माध्यम से लगभग 255 करोड़ रुपये अधोसंरचना विकास और मूलभूत सुविधाओं पर खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां भी की जा रही हैं।

कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी शिक्षकों से नए सत्र में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम का लक्ष्य लेकर गुणवत्तापूर्ण अध्यापन करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग कर लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत से सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने यह भी बताया कि जिले के मेधावी विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा देश के सभी शासकीय एवं अनुदान प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत कोरबा जिले के विद्यार्थियों की शिक्षा का खर्च भी डीएमएफ के माध्यम से वहन किया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की राह में बाधा न बने।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत कोरबा की अध्यक्ष बीजमोती राठिया, जनपद पंचायत करतला की अध्यक्ष अशोका विश्राम कंवर और उपाध्यक्ष मनोज झा ने भी विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में आयोजित न्योता भोज में मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया तथा उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी