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जांजगीर चांपा:  ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को लेकर जिलास्तरीय समिति की बैठक, दुर्लभ ग्रंथों के संरक्षण पर जोर

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जांजगीर चांपा:  ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान को लेकर जिलास्तरीय समिति की बैठक, दुर्लभ ग्रंथों के संरक्षण पर जोर


जांजगीर-चांपा, 13 अप्रैल (हि. स.)। कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज सोमवार को जिलास्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों, पांडुलिपियों और प्राचीन दस्तावेजों के संरक्षण एवं सूचीकरण पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की इस महत्वपूर्ण पहल के तहत देशभर में बिखरी हुई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियों का चिन्हांकन और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में भी संभावित पांडुलिपि संग्रहकर्ताओं की पहचान कर सर्वेक्षण कार्य शुरू किया जाएगा।

बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सर्वे कार्य के लिए विशेष टीम गठित की जाए और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेयर नियुक्त कर पांडुलिपियों की पहचान और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सर्वेक्षण कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त कर उन्हें प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास राष्ट्रीय धरोहर से जुड़ी अप्रकाशित पांडुलिपियां या अन्य महत्वपूर्ण प्राचीन दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो उनकी जानकारी समिति तक पहुंचाएं। इससे भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक अप्रकाशित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें संरक्षित करना है। कलेक्टर ने इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले शोधार्थियों और प्रबुद्धजनों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

बैठक में संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT