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एक जनवरी से छत्तीसगढ़ के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य लेकर करें काम :  स्वास्थ्य  मंत्री जायसवाल

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एक जनवरी से छत्तीसगढ़ के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य लेकर करें काम :  स्वास्थ्य  मंत्री जायसवाल


आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला: छत्तीसगढ़ में 2.63 करोड़ नागरिकों के बने एबीएचए, 12 हजार स्वास्थ्य संस्थान जुड़े

रायपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल स्वरूप देने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में कार्य किया जाए। उन्होंने बुधवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग समय के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभाग की कोशिश है कि मरीजों के सभी उपचार आभा (एबीएचए) आईडी से लिंक हों। इसके लिए निजी अस्पतालों की भागीदारी और डेटा साझा करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से कार्यक्षमता बढ़ेगी और सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग संभव होगी।

कार्यशाला में बताया गया कि राज्य में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) बनाए जा चुके हैं। हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) से 34 हजार से अधिक स्वास्थ्य पेशेवर तथा हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) से 12 हजार से अधिक अस्पताल, क्लीनिक, लैब और ब्लड बैंक जुड़ चुके हैं।

कार्यशाला में कहा गया कि एबीडीएम-सक्षम अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के प्रभावी उपयोग से मरीजों का पंजीयन, उपचार और डिस्चार्ज सहित पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे मेडिकल रिकॉर्ड का सत्यापन आसान होगा, क्लेम प्रोसेसिंग में तेजी आएगी और कागजी कार्यवाही कम होगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के नए कार्ड में अब आभा आईडी को शामिल किया गया है। साथ ही अटल आरोग्य लैब की जांच रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल पर भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक जनवरी से सभी स्वास्थ्य सेवाओं को ऑनलाइन करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है और इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए शेष स्वास्थ्य संस्थानों को एचएफआर से जोड़ने, अधिक डॉक्टरों एवं नर्सों का एचपीआर में पंजीयन, एबीएचए के प्रति जन-जागरूकता, एचएमआईएस के प्रभावी उपयोग, रिकॉर्ड की गुणवत्ता में सुधार, सरकारी एवं निजी संस्थानों के बीच समन्वय तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) भारत सरकार के संचालक विक्रम पगारिया, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त-सह-संचालक संजीव झा सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल