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भानपुरी में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस व डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा का हुआ शुभारंभ

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भानपुरी में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस व डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा का हुआ शुभारंभ


जगदलपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। बस्तर जिले के सिविल अस्पताल भानपुरी में सोमवार 10 अगस्त को जिला स्तरीय राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 2026 और गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। इसका औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष संतोष बघेल एवं जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी, बस्तर के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण सिंह नाग, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर राजेंद्र बघेल तथा ब्लॉक विस्तार शिक्षक जीली मंडावी विशेष रूप से मौजूद रहे।

जिला स्तरीय राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के शुभारंभ के बाद जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बेसोली पहुंचकर 420 बच्चों का जांच किया, साथ ही प्राथमिक शाला फरसागुड़ा और मुरकुची स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा भी लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की खुराक अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही गहन डायरिया पखवाड़े के तहत बच्चों को डायरिया से बचाने के तरीके, व्यक्तिगत स्वच्छता और ओआरएस-जिंक के सही उपयोग की जानकारी दी गई। इस दौरान स्कूली बच्चों को एचपीवी टीकाकरण के महत्व और इससे होने वाले दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभों के प्रति भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमिनाशक दवा अनिवार्य रूप से खिलाएं और दैनिक जीवन में स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाकर बच्चों को स्वस्थ रखने में अपना योगदान दें।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे