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छग :धरदेई–बिलासपुर पूल पारेषण लाइन शुरू कई जिलों को मिलेगी बिजली

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छग :धरदेई–बिलासपुर पूल पारेषण लाइन शुरू कई जिलों को मिलेगी बिजली


रायपुर , 05 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में विद्युत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 286 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 50.7 किलोमीटर लंबी 400 केवी धरदेही-बिलासपुर पूल पारेषण लाइन को सफलतापूर्वक आज (गुरुवार) ऊर्जीकृत (चालू) कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला की उपस्थिति में इस परियोजना को पूरा किया गया।उनके साथ कार्यपालक निदेशक इंजीनियर संजय पटेल, कल्पना घाटे, इंजीनियर एके अम्बस्थ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इसका सीधा लाभ बिलासपुर सहित मुंगेली, बेमेतरा, कवर्धा, रायपुर और भाटापारा–बलौदाबाजार क्षेत्र को मिलेगा। साथ ही आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।

इसके चालू होने से अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण संभव हो सकेगा, जिससे लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। यह बुनियादी ढांचा न केवल वर्तमान बिजली व्यवस्था को सुधारेगा, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को पूरा करने में भी पूरी तरह सक्षम है।

प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला व आधिकारिक टीम ने आज अपने बयान में कहा कि चार सौ केवी डीसीडीएस क्वाड मूस लाइन का निर्माण कई तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों के बीच पूरा किया गया। निर्माण के दौरान चार स्थानों पर दूसरी विद्युत लाइनों की क्रासिंग का काम हाटलाइन पद्धति से किया गया। खास बात यह रही कि एक रेलवे क्रासिंग पर भी बिना पावर ब्लाक लिए हाटलाइन स्ट्रिंगिंग पद्धति से काम पूरा किया गया। इससे रेलवे परिचालन और विद्युत आपूर्ति बाधित किए बिना लाइन निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य संभव हो सका।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के दौरान राइट आफ वे (मार्गाधिकार) से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी सामने आईं। हालांकि अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क से इन बाधाओं को दूर करते हुए निर्धारित कार्य पूरा किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना राज्य में उच्च क्षमता के सुचारू विद्युत प्रवाह (हाई एमवीए पावर ट्रांसमिशन) को सुनिश्चित करने और आने वाले सालों में बिजली की बढ़ती मांग को बिना ट्रिपिंग के पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। नई 400 केवी पारेषण लाइन के चालू होने से अधिक एमवीए विद्युत शक्ति का पारेषण किया जा सकेगा। इससे वर्तमान बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ भविष्य में बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। संबंधित जिलों की विद्युत आपूर्ति एवं पारेषण व्यवस्था को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

सीएसपीटीसीएल ने इसे कंपनी की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा