तर्रागोंदी में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन
धमतरी, 07 अप्रैल (हि.स.)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में ग्राम तर्रागोंदी में आयोजित चार दिवसीय ‘अखंड ज्योति शताब्दी वर्ष’ एवं ‘शक्ति संवर्धन 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ व प्रज्ञा पुराण कथा’ का आज मंगलवार को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्ति, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने इसे युग निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। शांतिकुंज प्रतिनिधि एवं प्रज्ञा पुत्र भोलेश्वर कुमार ने कथा के माध्यम से आदिशक्ति मां गायत्री के स्वरूप और महत्व को सरल व प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए ब्रह्मर्षि विश्वामित्र और चारों वेदों में वर्णित गायत्री मंत्र की महिमा बताई तथा इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बताया। चार दिनों तक चले इस आध्यात्मिक उत्सव में प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल हुई।
द्वितीय दिवस प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से नैतिक मूल्यों और जीवन जीने की कला की सीख दी गई; तृतीय दिवस देव संस्कृति और सतयुगीन पूजन पद्धति पर चर्चा हुई; जबकि अंतिम दिवस महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ विभिन्न संस्कारों का नि:शुल्क संपादन किया गया। इस दौरान कुल 57 संस्कार संपन्न हुए, जिनमें दीक्षा संस्कार 24, मुंडन संस्कार 15, विद्यारंभ संस्कार 11, गर्भ (पुंसवन) संस्कार 5 तथा अन्नप्राशन संस्कार 2 शामिल रहे, जिनके माध्यम से संस्कारवान पीढ़ी निर्माण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जगदेही, सिलौटी, सिलघाट, टीपानी, निपानी, मंडेली, सिलीडीह, कोर्रा, हंचलपुर और धमतरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, वहीं लक्ष्मी साहू, अनिल गजपाल, त्रिवेणी गजपाल, माखन लाल और सुभाषनी साहू की उपस्थिति रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

