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निलंबन के नाम पर मनचाही पोस्टिंग का खेल, शिक्षक फेडरेशन ने जताया विरोध

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निलंबन के नाम पर मनचाही पोस्टिंग का खेल, शिक्षक फेडरेशन ने जताया विरोध


शिक्षक फेडरेशन का तीखा विरोध, उग्र आंदोलन की चेतावनी

धमतरी, 25 फ़रवरी (हि.स.)। धमतरी जिले में निलंबन के बाद शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन जिला धमतरी ने आरोप लगाया है कि निलंबन की कार्रवाई को सजा की बजाय पुरस्कार में बदला जा रहा है। संगठन का कहना है कि निलंबित प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों को जरूरतमंद व दूरस्थ स्कूलों में भेजने के बजाय सड़क किनारे और ब्लाक या जिला मुख्यालय के समीप स्थित स्कूलों में पदस्थ किया जा रहा है।

फेडरेशन के जिलाध्यक्ष दौलत ध्रुव ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि रिक्त और आवश्यकता वाले विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाए। इसके बावजूद हाल के मामलों में परदेसी राम सिंह प्रधान पाठक, कोहिनपरा नगरी को प्राथमिक शाला सिरौखुर्द, श्रवण कुमार देवांगन सहायक शिक्षक, मारदापोटी को प्राथमिक शाला पथरीडीह नगरी तथा मीनाक्षी ध्रुव प्रधान पाठक, सेमरा नगरी को प्राथमिक शाला कौहाबाहरा में पदस्थ किया गया है। ये सभी विद्यालय मुख्यालय के निकट बताए जा रहे हैं।

संगठन का आरोप है कि रिसगांव, जोरातराई, करका, मासूलखोई, बासिन और ढौर पडरीपानी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में पद रिक्त होने के बावजूद वहां पदस्थापना नहीं की गई। फेडरेशन ने इसे निलंबन के नाम पर खुला स्थानांतरण करार देते हुए संभावित लेन-देन की आशंका भी जताई है। फेडरेशन ने मांग की है कि ऐसे सभी आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं, अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र वर्मा, जिलाध्यक्ष दौलत धरुव, धमतरी ब्लॉक अध्यक्ष तेजलाल साहू, नगरी ब्लॉक अध्यक्ष ममता परजापति, जिला मीडिया प्रभारी परमेश्वर साहू, जिला सह सचिव दुष्यंत सिन्हा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षक फेडरेशन द्वारा अन्य प्रमुख मांगें भी उठाई गई:

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कई लंबित मुद्दों पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। प्रधान पाठक पद पर शीघ्र पदोन्नति। चिकित्सा परतिपूर्ति बिलों का त्वरित निराकरण, अनावश्यक विलंब पर रोक। जनगणना ड्यूटी में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षकों की समानुपातिक ड्यूटी, ताकि प्राथमिक स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित न हो। निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर कार्य में लगे शिक्षकों को रोटेशन के तहत राहत। परीक्षा फल पंजी का सरलीकरण। प्राथमिक एवं माध्यमिक वार्षिक परीक्षाएं पांचवी व आठवीं की परीक्षा के मध्य आयोजित करने की व्यवस्था।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा