home page

बीजापुर की संयुक्त प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी व जांच की मांग की गई

 | 
बीजापुर की संयुक्त प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी व जांच की मांग की गई


बीजापुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय बीजापुर में कांग्रेस एवं सीपीआई के साथ आज शनिवार को संयुक्त पत्रकारवार्ता आयोजित कर भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार एवं भाजपा पर देश में वोट चोरी करने का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार की तत्काल बर्खास्तगी, गिरफ्तारी और उनके कार्यकाल के सभी फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा कि चुनाव आयोग के भीतर से जो चौंकाने वाला सच बाहर आया है, वह अब किसी से छिपा नहीं है। पिछले 10 महीनों में दो निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के एकतरफा, मनमाने और असंवैधानिक फैसलों के खिलाफ कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की थी, यह सभी आपत्तियां लिखित में थीं जिन्हें सुना नहीं गया यह आयोग की आत्मा पर लगे घाव हैं। उन्हाेंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर अनधिकृत रूप से नए नाम जोड़े गए, असली मतदाताओं के नाम काटे गए और पूरी व्यवस्था को दिल्ली में केंद्रित कर राज्य अधिकारियों को अंधेरे में रखा गया। दोनों आयुक्तों को जानबूझकर प्रक्रिया से बाहर रखा गया। यह कोई प्रशासनिक गलती नहीं बल्कि भाजपा और नरेंद्र मोदी को सत्ता का फायदा पहुंचाने के लिए पूरी चुनावी तंत्र का अपहरण है।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुरू से देश को बता रहे थे, कि सत्तारूढ़ भाजपा के लिए “वोट चोरी” का पूरा कारखाना चल रहा है। आज आयोग के अंदर से निकला रिकॉर्ड उनके हर आरोप को सही साबित कर रहा है। चुनाव आयोग अब संवैधानिक संस्था नहीं रह गया, वह भाजपा और नरेंद्र मोदी की मुट्ठी में बंद मशीन बन चुका है। ज्ञानेश कुमार के एकतरफा फैसलों ने लोकतंत्र की हत्या की है। मतदाता सूची के साथ खिलवाड़ देश के साथ खिलवाड़ है।

सीपीआई नेता कमलेश झाड़ी ने पत्रकारवार्ता में सीईसी ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी कर लोकतंत्र की हत्या की है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने देश के 13 करोड़ से अधिक लोगों का नाम मतदाता सूची से हटा कर लोकतंत्र के नीव पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने मोदी सरकार के लिए वोट चोरी करने का काम कर देश अंदर अराजकता का माहौल निर्मित किया है। कमलेश झाड़ी ने कहा वर्तमान सरकार पूर्णतः फासीवादी सोच और अधिनायकवाद तंत्र से चल रहा है। अतिराष्ट्रवाद क़ायम कर अपने विरोधियों को अलोकतांत्रिक तरीके से ख़त्म करना चाहती हैं, जो इस देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था के ख़िलाफ़ है। जिसका सीपीआई कड़े शब्दों में विरोध करती है।

इंडिया गठबंधन की मांग है, ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से तुरंत हटाया जाए। उन पर वोट चोरी और संवैधानिक पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी हो। उनके कार्यकाल में हुई मतदाता सूची की हर कटाई-छंटाई और हर आदेश की स्वतंत्र, पारदर्शी समीक्षा हो। दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिले।

इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, प्रवीण डोंगरे, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, ज्योति कुमार, बेनहूर रावतिया, सुखदेव नाग, बसंत हपका, पुरुषोत्तम सल्लूर, जितेंद्र हेमला, गिरधारी लाल राठी, संतोष गुप्ता, अतुल गुप्ता, मग्गू खत्री, सेलमैया अंगमपल्ली, विकास साहू, कोवाराम हेमला, आयतु तेलम, मंगू तेलम और लच्छू कोरसा के अलावा बड़ी संख्या में इंडिया गठबंधन की कार्यकर्ता उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे