इंजीनियरिंग का घटता क्रेज, पीईटी में सिर्फ 315 परीक्षार्थी शामिल
कभी हजारों में होती थी संख्या, अब दो केंद्रों तक सिमटी परीक्षा
धमतरी, 14 मई (हि.स.)। बदलते समय के साथ विद्यार्थियों की पसंद और करियर की दिशा भी तेजी से बदल रही है। एक दौर में युवाओं की पहली पसंद मानी जाने वाली इंजीनियरिंग शिक्षा का आकर्षण अब धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है। रोजगार के नए विकल्प, तकनीकी कोर्सों की बढ़ती मांग और एआई आधारित क्षेत्रों में अवसर बढ़ने से छात्र पारंपरिक इंजीनियरिंग की ओर कम रूख कर रहे हैं। इसका असर इस वर्ष आयोजित पीईटी परीक्षा में साफ दिखाई दिया।
व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा गुरुवार को इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए पीईटी परीक्षा आयोजित की गई। जिले में परीक्षा के लिए सिर्फ दो केंद्र बनाए गए थे। पीजी कॉलेज केंद्र में पंजीकृत 320 विद्यार्थियों में से 255 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि गर्ल्स कॉलेज केंद्र में 76 में से 60 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह कुल 396 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से केवल 315 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 81 अनुपस्थित रहे। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ वर्षों पहले तक धमतरी में पीईटी परीक्षा के लिए कई केंद्र बनाए जाते थे और हजारों विद्यार्थी इसमें शामिल होते थे। लेकिन अब इंजीनियरिंग के प्रति छात्रों का उत्साह लगातार घट रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में विद्यार्थी केवल पारंपरिक डिग्री के बजाय ऐसे कोर्सों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनमें रोजगार की संभावनाएं अधिक हों। कॉमर्स, आर्ट्स, मैनेजमेंट, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग और एआई आधारित कोर्सों की ओर युवाओं का झुकाव तेजी से बढ़ा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिहाज से भी कई छात्र अब साइंस के बजाय अन्य विषयों को अधिक सुविधाजनक मान रहे हैं। पीईटी में लगातार घटती संख्या शिक्षा व्यवस्था और बदलते करियर ट्रेंड का संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा संस्थानों को भी नए दौर की जरूरतों के अनुरूप खुद को बदलना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

