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मतांतरित परिवार में महिला की मौत, अंतिम संस्कार को लेकर हंगामा

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मतांतरित परिवार में महिला की मौत, अंतिम संस्कार को लेकर हंगामा


धमतरी, 04 अक्टूबर (हि.स.)। मतांतरित परिवार में एक महिला की मौत के बाद आज रविवार सुबह अंतिम संस्कार को लेकर उनके समाजजनों ने जमकर हंगामा किया। अंतिम संस्कार में शामिल होने से इंकार कर दिया। घंटेभर चली बैठक के बाद विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के पदाधिकारी पहुंचे और मतांतरित सदस्य को गंगा जल पिलाकर व तिलक लगाकार घर वापसी कराई, तब जाकर समाजजन उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

जिला मुख्यालय धमतरी से दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भटगांव में सोरम रोड पर बसे सरस्वती धु्रव 28 वर्ष पति सुरेश धु्रव की शनिवार की रात मौत हो गई। रविवार सुबह स्वजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तो उनके समाजजनों ने सालों से मतांतरित होने का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार में शामिल होने से इंकार कर दिया और हंगामा शुरू हो गया। समाजजनों की करीब एक घंटे तक इस मुद्दे को लेकर हंगामा हुआ, तो समाजजनों ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप अग्रवाल को मौके पर बुलाया। बैठक में परिवार के सदस्य सुरेश ध्रुव समाज की परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए दोबारा समाज के साथ रहने की सहमति मांगी, तो समाज ने घर वापसी की शर्त रखी।

समाजजनों की मौजूदगी में सुरेश धु्रव को तिलक लगाया गया और पूजा-अर्चना कर गंगा जल पिलाकर भगवान राम की जयकारा कराया गया, तब उनकी घर वापसी हुई और समाजजन उनकी मृत पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और कई तरह के सहयोग भी किए। हिंदू रीति-रिवाज व समाज के परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। बताया गया है कि सुरेश धु्रव का परिवार पिछले चार साल से ईसाई धर्म अपनाया था, लेकिन अब दोबारा नहीं जाने की बात कही है। वह अपनी इच्छा से पुराने धर्म और समाज में वापस आ रहे हैं। समाज के रीति-रिवाजों का पालन करेंगे।

विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप अग्रवाल ने कहा कि सुरेश ध्रुव ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म और समाज के रीति-रिवाजों को स्वीकार करने की बात कही, इसके बाद गंगाजल और पूजा की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें समाज में शामिल किया गया और फिर मृतिका का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से कराया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा