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कोरबा में स्कूली छात्रों का खतरनाक स्टंट, 3 स्कॉर्पियो में सवार होकर बनाया वीडियो, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा में स्कूली छात्रों का खतरनाक स्टंट, 3 स्कॉर्पियो में सवार होकर बनाया वीडियो, पुलिस जांच में जुटी


कोरबा, 21 जनवरी (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्कूली छात्रों द्वारा चलती कार में खतरनाक स्टंट करने का मामला सामने आया है। तीन ब्लैक स्कॉर्पियो वाहनों में सवार छात्र-छात्राएं चलती गाड़ी की खिड़कियों से बाहर निकलकर वीडियो बनाते और सेल्फी लेते नजर आए। इस दौरान कुछ छात्राओं ने भी खिड़की से बाहर निकलकर पोज दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला बालको क्षेत्र का बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वीडियो जनवरी 2026 का है। बताया जा रहा है कि टीपी नगर स्थित महाराजा होटल में फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया था। इसी पार्टी में शामिल होने के लिए छात्र तीन स्कॉर्पियो वाहनों में सवार होकर होटल पहुंचे थे। होटल पहुंचने से पहले ही चलती कार में स्टंट कर वीडियो बनाए गए। फेयरवेल पार्टी के बाद भी छात्र स्कॉर्पियो से घूमने निकले और पंजाबी गाने के साथ वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया, जो बाद में वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आ गई है। पुलिस द्वारा वीडियो में दिख रहे वाहन नंबरों के आधार पर गाड़ियों के मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में बाल कल्याण समिति के सदस्य मनोज ठाकुर ने कहा कि नाबालिगों द्वारा बाइक और कार चलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यह वीडियो बेहद खतरनाक है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। साथ ही अभिभावकों को भी यह देखना चाहिए कि उनके बच्चे कहां, किसके साथ और किन परिस्थितियों में हैं।

वहीं, कोरबा के सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर वाहन नंबरों से मालिकों की पहचान की जा रही है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी, बर्थडे सेलिब्रेशन और केक कटिंग जैसे मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य शासन से जवाब मांगा था। बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर स्टंटबाजी के एक मामले में शासन की ओर से अदालत को बताया गया था कि पुलिस ने अभियान चलाकर स्टंट में शामिल वाहनों को जब्त किया है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चेतावनी दी थी कि सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि यह दूसरों के लिए सबक बने। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि कानून का डर सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि गैर-जिम्मेदार और दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी