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जान जोखिम में डालकर बांस के सहारे सेमलडोड्डी नाला पार करना मजबूरी

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जान जोखिम में डालकर बांस के सहारे सेमलडोड्डी नाला पार करना मजबूरी


बीजापुर , 10 अगस्त (हि.स.)। जिले के इलमीडी क्षेत्र के आवासपारा-सेमलडोड्डी में बारिश के दौरान स्कूल तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। यहां पदस्थ शिक्षक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उफनते नाले को जान जोखिम में डालकर हर दिन स्कूल पहुंच रहे हैं।

आवासपारा-सेमलडोड्डी के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में पांच शिक्षक और एक भृत्य पदस्थ हैं। बारिश के दौरान सेमलडोड्डी नाला उफान पर आ जाता है, जिससे स्कूल तक पहुंचने का रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। पुराने स्टॉप डेम के ऊपर ग्रामीणों ने बांस की मदद से अस्थायी रैंप बनाया है। फिलहाल यही शिक्षकों के लिए स्कूल पहुंचने का एकमात्र सहारा है। नाले में पानी बढ़ने के बाद बांस से बने इस अस्थायी रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। नीचे तेज बहाव और बड़े-बड़े पत्थर हैं। ऐसे में जरा-सी चूक या पैर फिसलने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

शिक्षक अचैया तोर्रेम ने बताया कि बारिश के दिनों में हर साल ऐसी स्थिति बनती है। नाला उफान पर आने के बाद स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए शिक्षक किसी तरह यह रास्ता पार कर स्कूल पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि पुराने स्टॉप डेम के ऊपर बांस का अस्थायी रैंप बनाया गया है। इसी के सहारे नाला पार करना पड़ता है। तेज बहाव और नीचे मौजूद पत्थरों के कारण हर कदम बेहद सावधानी से रखना पड़ता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे