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रोजाना होगा फसल क्षति का आकलन, मौसम की मार से किसान परेशान

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रोजाना होगा फसल क्षति का आकलन, मौसम की मार से किसान परेशान


धमतरी, 20 मार्च (हि.स.)। मौसम ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को भी कई इलाकों में बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी फसलें प्रभावित हुई हैं। हालात को देखते हुए कृषि विभाग, राजस्व विभाग और फसल बीमा की संयुक्त टीम मैदान में उतर चुकी है, जो अब रोजाना फसल क्षति का आकलन करेगी।

शासन-प्रशासन के मार्गदर्शन में किसानों ने इस वर्ष चना सहित अन्य उन्हारी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर की थी। धमतरी जिले के नगरी, कुरूद, मगरलोड और धमतरी ब्लॉक में राहर, चना, गेहूं, सरसों, तिवरा और तिल की फसलें बोई गई हैं। लेकिन लगातार हो रही बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

सोमवार को हुई बारिश से बड़ी संख्या में किसानों की कटाई के बाद खेतों में रखी फसलें खरही और करपा भीग गई हैं। फसल को बचाने के लिए किसानों ने उन्हें झिल्ली और तिरपाल से ढंक तो दिया है, लेकिन मौसम खुलने के बजाय रोजाना बारिश होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। आसमान में छाए काले बादलों और नमी भरे वातावरण के कारण ढंकी हुई गीली फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। धूप नहीं निकलने से किसान फसल को सुखा नहीं पा रहे हैं, जिससे नुकसान की आशंका लगातार गहराती जा रही है। इधर प्रशासनिक टीमें गांव-गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही हैं और रिपोर्ट तैयार कर रही हैं, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके। मौसम की इस मार से जूझ रहे कई किसान अब भविष्य में उन्हारी फसल लगाने को लेकर संशय में हैं। लगातार हो रहे नुकसान ने उनकी चिंता और बेचैनी को और बढ़ा दिया

कृषि विभाग के केएस ध्रुव ने शुक्रवार काे बताया कि 16 और 17 मार्च को हुई बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। नुकसान का जायजा लेने के लिए फील्ड स्तर के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। फसल बीमा और राजस्व विभाग भी नुकसान का जायजा लेने मैदान पर उतर चुकी है। प्रतिदिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा