home page

पहली बारिश में ही 44.60 लाख की सिंदूर वाटिका पर उठे सवाल, टूटने लगी फेंसिंग और नदी किनारे की पिचिंग

 | 
पहली बारिश में ही 44.60 लाख की सिंदूर वाटिका पर उठे सवाल, टूटने लगी फेंसिंग और नदी किनारे की पिचिंग


धमतरी, 30 जून (हि.स.)। महानदी के तट पर ग्राम पंचायत मेघा में मेघा पुल के समीप वन विभाग द्वारा 44 लाख 60 हजार रुपये की लागत से सिंदूर वाटिका (गार्डन) का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में फेंसिंग, नदी किनारे पिचिंग, नागरिकों के टहलने के लिए पाथवे, बाथरूम, बोर की व्यवस्था, बैठने के लिए विश्राम कक्ष, मुख्य द्वार, पेवर ब्लॉक तथा वृक्षारोपण सहित विभिन्न निर्माण कार्य शामिल हैं। हालांकि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पहली ही बारिश में कई स्थानों पर फेंसिंग के पोलों के आधार झुकने लगे हैं, जबकि नदी किनारे कराई जा रही पिचिंग और सुरक्षा बैटिंग भी टूटती नजर आ रही है। जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के बाद आरोप लगाया कि लाखों रुपये की लागत से बनने वाले इस उद्यान में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उनका कहना है कि फेंसिंग के आधार और नदी किनारे की पिचिंग अभी से क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे भविष्य में पूरा गार्डन खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शासन की राशि से बनने वाले इस उद्यान का निर्माण मजबूत और टिकाऊ होना चाहिए, ताकि आमजन वर्षों तक इसका लाभ उठा सकें। अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी कुरुद महीम शुक्ला ने कहा कि गार्डन महानदी के तटीय क्षेत्र में बनाया जा रहा है और इसके किनारों पर गहरी खुदाई की गई है, ऐसे में बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष जानसिंग यादव ने कहा कि महानदी किनारे बन रही सिंदूर वाटिका क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है, लेकिन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है, ताकि बारिश के मौसम में किसी प्रकार का नुकसान न हो।

स्वीकृत मापदंडों के अनुसार कराया जा रहा है निर्माण:

मोहंदी के रेंजर पंचराम साहू ने बताया कि सिंदूर वाटिका का निर्माण विभागीय स्वीकृत मापदंडों के अनुसार कराया जा रहा है और कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कहीं कोई कमी या क्षति दिखाई देती है तो उसकी जांच कर तत्काल आवश्यक सुधार कराया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा