कांग्रेस अध्यक्ष की अमर्यादित टिप्पणी उनके संस्कारों की कमी का प्रमाण : महेश कश्यप
जगदलपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में की गई अमर्यादित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इसे कांग्रेस की संकीर्ण राजनीतिक सोच और गिरते राजनीतिक स्तर का परिचायक बताया है। उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध के नाम पर उनके दिवंगत पिता के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं हैl
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में वैचारिक मतभेदों का स्वागत है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से सार्वजनिक जीवन में अधिक संयम, शालीनता और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस में संस्कार और अनुशासन की कमी बार-बार सामने आती रही है। हाल ही में राहुल गांधी के द्वारा पार्टी कार्यकर्ता को और प्रियंका वाड्रा द्वारा महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर कोहनी मारने की घटना जैसे प्रसंगों को लेकर उठे सवाल यह सोचने पर विवश करते हैं कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को किस प्रकार की राजनीतिक संस्कृति का संदेश दे रहा है। सार्वजनिक जीवन में पद और प्रतिष्ठा के साथ शालीनता, अनुशासन तथा दूसरों के प्रति सम्मान भी आवश्यक है।
कश्यप ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति कर रही है, जबकि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की इस प्रकार की बयानबाजी जनता के समक्ष उसकी राजनीतिक संस्कृति पर सवाल खड़े करती है। कांग्रेस को व्यक्तिगत टिप्पणियों और अमर्यादित भाषा के बजाय जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक बहस करना चाहिए ।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन देश की सेवा और करोड़ों देशवासियों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। उनके खिलाफ राजनीतिक आलोचना हो सकती है,लेकिन उनके दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और पारिवारिक सम्मान की भावना के भी विरुद्ध है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपेक्षा की कि वह अपने नेताओं के सार्वजनिक वक्तव्यों और आचरण में मर्यादा,अनुशासन तथा जिम्मेदारी सुनिश्चित करे,ताकि लोकतांत्रिक राजनीति में संवाद का स्तर बना रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

