जनादेश से बार-बार नकारे जाने के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी कांग्रेस : संतोष पाण्डेय
एसआईआर पर सवाल उठाने वाले बताएं, फर्जी वोटरों के दम पर कितने चुनाव जीते : भाजपा सांसद
रायपुर 01 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा बार-बार चुनाव में नकारे जाने के बाद कांग्रेस अब राजनीतिक हताशा में निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। हर चुनावी हार के बाद कभी ईवीएम तो कभी मतदाता सूची पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक प्रवृत्ति बन चुकी है।
पाण्डेय ने रविवार काे एक बयान जारी कर कहा कि एसआईआर को लेकर अनर्गल बयानबाजी करने वाले कांग्रेस नेता पहले यह बताएं कि फर्जी मतदाताओं के सहारे उन्होंने कितने चुनाव जीते हैं? मतदाता सूची का अद्यतन एक सतत, पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया है। इसमें मृत, स्थानांतरित और दोहरे मतदाताओं के नाम नियमानुसार जांच के बाद हटाए जाते हैं। कांग्रेस को परेशानी इस बात से है कि वर्षों से चले आ रहे उसके कथित फर्जी वोट बैंक की सफाई क्यों हो रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त जैसी संवैधानिक संस्था पर दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।
भाजपा सांसद ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां लोकतंत्र की रक्षा का कोई प्रयास नहीं हो रहा, बल्कि भ्रष्टाचार और डूबती राजनीतिक साख बचाने का राजनीतिक तमाशा किया जा रहा है। राहुल गांधी और दीपक बैज हार की हताशा में झूठी कहानियां गढ़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
विपक्षी सांसदों के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि सदन में विपक्ष के पास न कोई ठोस तर्क है और न ही चर्चा में भाग लेने की इच्छाशक्ति। बहस से बचकर बाहर संसद की गरिमा का मजाक उड़ाना उनकी राजनीतिक कार्यशैली बन गई है। उन्होंने विपक्ष पर समानांतर संसद लगाकर अपनी कुंठा प्रदर्शित करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में देश पर आपातकाल थोपकर संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने वाली पार्टी आज लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को छत्तीसगढ़ की खुशियों और राज्योत्सव से कोई सरोकार नहीं है। उनका छत्तीसगढ़िया प्रेम केवल राजनीतिक दिखावा है और उन्हें प्रदेश की जनता से अधिक अपनी कुर्सी की चिंता है।
पाण्डेय ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में कोल लेवी, शराब, पीएससी और डीएमएफ से जुड़े घोटालों के कारण गरीबों, युवाओं और आदिवासियों के हित प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर दिल्ली में कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा छत्तीसगढ़िया अस्मिता का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि आलाकमान को खुश करने का राजनीतिक प्रयास है। प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की नीतियों पर विश्वास करती है। कांग्रेस चाहे जितने नारे और आरोप लगाए, जनता चुनाव में अपने मताधिकार के माध्यम से उसे जवाब देगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल

