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फिल्टर प्लांट की अनियमितताओं की हो उच्च स्तरीय जांच: कांग्रेस

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फिल्टर प्लांट की अनियमितताओं की हो उच्च स्तरीय जांच: कांग्रेस


धमतरी, 11 अगस्त (हि.स.)। नगर पालिक निगम धमतरी के कांग्रेस पार्षद दल ने मंगलवार को शहर के फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर पेयजल शोधन व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पेयजल शोधन में उपयोग किए जा रहे एलम एवं ब्लीचिंग पाउडर की खरीदी, गुणवत्ता, आपूर्ति और उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने आरोप लगाया कि, पेयजल शोधन में निर्धारित मानकों के अनुरूप रसायनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है और घटिया गुणवत्ता के एलम एवं ब्लीचिंग पाउडर के इस्तेमाल की आशंका है।

पार्षदों का कहना है कि, पेयजल की गुणवत्ता सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी है और शोधन प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न वार्डों में डायरिया, हैजा सहित अन्य जलजनित बीमारियों के मामले सामने आने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी नागरिकों को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।

कांग्रेस पार्षद दल ने आरोप लगाया कि, कुछ प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण में खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके चलते जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने एलम एवं ब्लीचिंग पाउडर की खरीदी से लेकर उसकी गुणवत्ता, आपूर्ति और उपयोग तक की निष्पक्ष, तकनीकी एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। फिल्टर प्लांट निरीक्षण के दौरान नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र (विशु) देवांगन, पार्षद पूर्णिमा गजानन रजक, सोमेश मेंश्राम एवं भागी ध्रुव उपस्थित रहे।

विभिन्न संसाधनों से होती है जलापूर्ति:

मालूम हो कि नगर निगम के 40 वार्डों में विभिन्न संसाधनों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ओवरहेड टैंक, मोटर पंप सहित अन्य व्यवस्थाओं के बावजूद कई वार्डों में टैंकरों के माध्यम से भी पानी पहुंचाना पड़ता है। बनियापारा, मेटर स्टैंड वार्ड सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की शिकायतों के बीच लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस पार्षद दल ने मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर पेयजल व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा