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सवा लाख गायत्री महामंत्र अनुष्ठान की पूर्णाहुति, गायत्री महायज्ञ में दी 108 आहुतियां

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सवा लाख गायत्री महामंत्र अनुष्ठान की पूर्णाहुति, गायत्री महायज्ञ में दी 108 आहुतियां


धमतरी, 09 सितंबर (हि.स.)। गायत्री परिवार महिला मंडल धमतरी की वरिष्ठ परिजन शकुन कश्यप एवं उनके परिवार की ओर से गायत्री शक्तिपीठ धमतरी में आयोजित चार दिवसीय सवा लाख गायत्री महामंत्र अनुष्ठान की पूर्णाहुति बुधवार को एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ हुई। महायज्ञ में साधकों ने 108 आहुतियां प्रदान कर अनुष्ठान का विधिवत समापन किया। लोगों ने विश्वकल्याण की कामना की।

आयोजन के दौरान गायत्री मंत्र के सामूहिक जप और साधना से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जिला समन्वयक दिलीप नाग ने बताया कि माता जी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में देशभर में विशेष साधना अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में धमतरी जिले के सभी ब्लाकों में 24 हजार गायत्री मंत्र जप साधना के आयोजन किए जा रहे हैं। गायत्री मंत्र की साधना से मनोवांछित फल की प्राप्ति के साथ साधक के मन-मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नियमित जप और साधना से मन के दोष एवं दुर्गुण दूर होकर जीवन में पवित्रता, शांति और सकारात्मक चिंतन को बढ़ावा मिलता है। साथ ही जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

नाग ने बताया कि गायत्री परिवार का उद्देश्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सद्विचारों, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से लोगों को आध्यात्मिकता, सदाचार, संस्कार और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ने विभिन्न कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। यज्ञ का संचालन ट्रस्टी शेखन साहू और शारदा साहू ने किया। आयोजन में गायत्री शक्तिपीठ धमतरी की प्रमुख प्रबंध ट्रस्टी खिलेश्वरी किरण का मार्गदर्शन एवं सहयोग मिला। राजकुमार साहू ने भी आयोजन में सहयोग प्रदान किया। अनुष्ठान को सफल बनाने में प्रतिदिन करीब 25 साधक भाई-बहनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन के दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने नियमित साधना के साथ समाज में सेवा, संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। गायत्री शक्तिपीठ के वरिष्ठ परिजनों ने साधकों का मार्गदर्शन करते हुए गायत्री साधना के महत्व और आध्यात्मिक अभ्यास से जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला। पूर्णाहुति के अवसर पर साधकों ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप करते हुए सुख, शांति और सद्बुद्धि की कामना की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा