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नालियों में बिछी पेयजल पाइपलाइन से जलजनित बीमारियों का अंदेशा बनी चिंता

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नालियों में बिछी पेयजल पाइपलाइन से जलजनित बीमारियों का अंदेशा बनी चिंता


नालियों में बिछी पेयजल पाइपलाइन से जलजनित बीमारियों का अंदेशा बनी चिंता


धमतरी, 10 अगस्त (हि.स.)। शहर के विभिन्न वार्ड में निकासी नाली के बीच से गुजरी हुई पेयजल पाईप से जलजनित बीमारियों का अंदेशा है। नगर निगम क्षेत्र के बनियापारा वार्ड स्थित शिव चौक क्षेत्र में दूषित पानी के बाद पीलिया और टाइफाइड के मामले सामने आने से अब शहर के अन्य वार्डों की पेयजल व्यवस्था भी चिंता का विषय बन गई है। कई वार्डों में पेयजल पाइपलाइन नालियों के भीतर और उनके बीच से गुजरी हुई है। निगम की टीम बनियापारा सहित अन्य वार्ड में पाइपलाइन का लीकेज ढूंढ रही है, ताकि संभावित बीमारी पर रोक लगाई जा सके।

शहर के बनियापारा, रामसागरपारा और रिसाईपारा पश्चिम वार्ड सहित कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन नालियों के भीतर और नालियों से होकर गुजरी हुई है। कई जगह पाइपलाइन नालियों के संपर्क में है, जबकि कुछ स्थानों पर वार्डवासी स्वयं पाइपलाइन को नाली के ऊपर उठवाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पाइपलाइन में लीकेज होने पर नाली का गंदा पानी पेयजल में मिलकर घरों तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है। रविवार को बनियापारा वार्ड में महापौर रामू रोहरा ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने पेयजल पाइपलाइन में लीकेज की जांच कराने का आश्वासन दिया था।

इसके बाद सोमवार को निगम की टीम वार्ड में पहुंची और तीन स्थानों पर खोदाई कर लीकेज तलाशने की कार्रवाई शुरू की। पानी का सैंपल भी लिया गया है। जांच के बाद ही दूषित पानी की समस्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस दौरान वार्ड के पार्षद युगल किशोर पिंटू यादव एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर वार्डवासियों के स्वास्थ्य की जानकारी लेती रही।

जल विभाग के सभापति अखिलेश सोनकर ने बताया कि शहर में तीन अलग-अलग पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति हो रही है। सबसे पुरानी सीमेंट पाइपलाइन के बाद भागीरथी योजना और वर्तमान में जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है। इनसे 19 हजार से अधिक नल कनेक्शन जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि बनियापारा वार्ड में 30 से 35 साल पुरानी सीमेंट पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है। शहर में ऐसी पुरानी पाइपलाइनों से जुड़े 1200 से 1500 नल कनेक्शनों को चरणबद्ध तरीके से नई जल आवर्धन योजना की पाइपलाइन से जोड़ा जा रहा है।

अब तक करीब 350 कनेक्शन शिफ्ट किए जा चुके हैं। गंदे पानी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बनियापारा में पानी का सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। वहीं लीकेज का पता लगाने के लिए तीन स्थानों पर खोदाई भी की गई है। बनियापारा, रामसागरपारा, रिसाईपारा और मोटर स्टैंड वार्ड में नालियों के ऊपर एवं इससे प्रभावित स्थानों से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों को भी ऊपर उठाया जा रहा है। अखिलेश सोनकर ने बताया कि पुरानी पाइपलाइन व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, ताकि भविष्य में दूषित पानी की समस्या से बचा जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा