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धमतरी में चातुर्मास का शुभारंभ 23 जुलाई से, धर्ममय होगा शहर का वातावरण

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धमतरी में चातुर्मास का शुभारंभ 23 जुलाई से, धर्ममय होगा शहर का वातावरण


धमतरी, 22 जुलाई (हि.स.)। जैन समाज के प्रमुख आध्यात्मिक पर्व चातुर्मास के शुभारंभ को लेकर धमतरी में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। धर्म, साधना, तप और आराधना के इस महापर्व की शुरुआत 23 जुलाई को रत्ननिधि महाराजआदि ठाणा-चार के मंगल प्रवेश के साथ होगी। शहर में गुरू के प्रवेश को लेकर समाजजन उत्साहित हैं।

जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गुरु भगवंत की अगवानी करेंगे। रत्ननिधि जी महाराज कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी निपुणा जी म.सा. की सुशिष्या तथा संघ स्नेह वारिधि, प्रवचन प्रवीणा स्नेहयशा जी म.सा. की सुशिष्या हैं। उनके पावन सान्निध्य में पूरे चातुर्मास के दौरान प्रवचन, धर्मसभा, स्वाध्याय, तप, आराधना एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भव्य मंगल प्रवेश यात्रा सुबह आठ बजे गोल बाजार स्थित आदिश्वर जिनालय से प्रारंभ होगी। इसके बाद नगर में विभिन्न स्थानों पर गुरु भगवंत का भव्य स्वागत किया जाएगा।

आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए समाज के विभिन्न प्रकोष्ठों एवं स्वयंसेवकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चातुर्मास के अवसर पर समाज ने सभी श्रावक-श्राविकाओं से आयंबिल तप करने की भावना रखने का आग्रह किया है। आयंबिल की व्यवस्था पार्श्वनाथ जिनालय, इतवारी बाजार में की गई है। चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र गोलछा ने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, तप और आध्यात्मिक जागरण का महापर्व है। उनके सान्निध्य में समाज को धर्म, संस्कार और सदाचार का अमूल्य मार्गदर्शन मिलेगा तथा नई पीढ़ी को जैन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने धमतरी एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रावक-श्राविकाओं तथा धर्मप्रेमी नागरिकों से 23 जुलाई को आयोजित भव्य मंगल प्रवेश में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की। पूरे चातुर्मास के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में नियमित सहभागिता निभाने की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा