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बलरामपुर : कलेक्टर बनीं बच्चों की शिक्षिका, कक्षा में पढ़ाया पाठ और सुना पहाड़ा

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बलरामपुर : कलेक्टर बनीं बच्चों की शिक्षिका, कक्षा में पढ़ाया पाठ और सुना पहाड़ा


बलरामपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। बलरामपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता परखने के लिए आज बुधवार को कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विकासखंड बलरामपुर के प्राथमिक शाला कोठीखाड़ एवं तलैयापारा, विकासखंड वाड्रफनगर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि बच्चों के बीच बैठकर उनसे पाठ पढ़वाया, पहाड़ा सुना, सवाल पूछे और उनकी सीखने की क्षमता का भी आकलन किया।

प्राथमिक शाला कोठीखाड़ में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पाठ पढ़वाकर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन किया। बच्चों ने पहाड़ा भी सुनाया। इस दौरान कुछ बच्चे उत्तर देने में संकोच करते नजर आए, जिस पर उन्होंने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करना भी है, ताकि वे बेझिझक अपनी बात रख सकें।

तलैयापारा प्राथमिक शाला में उन्होंने बच्चों से समय पर गणवेश और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ली। विद्यार्थियों से पाठ पढ़वाने के साथ उन्होंने सुंदर और स्पष्ट लेखन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की स्वच्छता और मध्यान्ह भोजन का भी जायजा लिया तथा भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने के निर्देश दिए।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़कागांव में कलेक्टर ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी विषयगत समझ परखी। विद्यार्थियों की पुस्तकों का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि केवल पाठ पढ़ लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक अध्याय के बाद प्रश्नोत्तर का अभ्यास भी आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पाठ के बाद नियमित प्रश्नोत्तरी आयोजित कर विद्यार्थियों की समझ का मूल्यांकन करें।

कलेक्टर ने प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, बिजली, सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

उन्होंने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, भोजन और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें बड़े सपने देखने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की नजर एक विद्यार्थी द्वारा कागज और अन्य उपयोगी सामग्रियों से तैयार किए गए आकर्षक होल्डर पर पड़ी। उन्होंने विद्यार्थी की रचनात्मकता और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने छात्रावास के रसोई कक्ष और उपलब्ध सामग्रियों के रखरखाव का भी निरीक्षण किया। शयन कक्षों की खिड़कियों में जाली नहीं होने पर तत्काल जाली लगाने के निर्देश दिए तथा छात्रावास के कमरों को और अधिक सुव्यवस्थित रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय