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धान खरीद की तैयारियों को लेकर कलेक्टर सख्त, 21 अक्टूबर तक सभी किसानों के खसरों का एग्रीस्टैक से होगा मिलान

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धान खरीद की तैयारियों को लेकर कलेक्टर सख्त, 21 अक्टूबर तक सभी किसानों के खसरों का एग्रीस्टैक से होगा मिलान


धान खरीद की तैयारियों को लेकर कलेक्टर सख्त, 21 अक्टूबर तक सभी किसानों के खसरों का एग्रीस्टैक से होगा मिलान


कोरबा, 3 अक्टूबर (हि. स.)। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की तैयारियों को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज शनिवार काे अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद के दौरान किसानों को रकबे में कमी, खसरा छूटने या फसल प्रविष्टि में त्रुटि जैसी किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन, एग्रीस्टैक और फसल मैपिंग का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को कहा गया है।

कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष पंजीकृत प्रत्येक किसान के सभी खसरों, फसलों और रकबे का एग्रीस्टैक में मिलान कराया जाए। समिति प्रबंधक किसानों को समिति में बुलाकर ऑपरेटरों के माध्यम से बी-1 में दर्ज खसरों और फसलों की जांच कराएं। किसी भी पंजीकृत किसान का एक भी पात्र खसरा छूटना नहीं चाहिए। तहसीलदार और एसडीएम तहसीलवार तथा समितिवार प्रगति की लगातार समीक्षा करेंगे। सभी समितियों को 21 अक्टूबर तक यह प्रमाण-पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं कि पंजीकृत किसानों के सभी पात्र खसरे एग्रीस्टैक में दर्ज हैं।

जिले में 60 सक्रिय आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत 73 धान खरीद केंद्र संचालित हैं। समिति स्तर पर कुल 52,689 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 52,383 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पूरा हो चुका है, जबकि 306 किसानों का पंजीयन अभी शेष है। कलेक्टर ने शेष पंजीयन को जल्द पूरा कराने और आगामी दो-तीन दिनों तक इसकी दैनिक प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।

विशेष श्रेणी के किसानों, जिसमें वनपट्टाधारी, डुबान क्षेत्र, शासकीय भूमि और शासकीय पट्टाधारी किसान शामिल हैं, के प्रकरणों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया है। इनके भूमि विवरण, खसरा और अक्षांश-देशांतर की प्रविष्टि समय पर पूरी कराने के निर्देश दिए गए। पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों के 7,541 खसरे अपडेट फार्मर रिक्वेस्ट आवेदन की प्रक्रिया के लिए लंबित हैं। कलेक्टर ने इनकी तहसीलवार सूची समितिवार तैयार कर संबंधित समितियों को उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पात्र किसान का वास्तविक रकबा कम करना उद्देश्य नहीं है। पंजीयन और राजस्व अभिलेखों का सही तरीके से मिलान किया जाए। वनपट्टाधारी और अन्य पात्र पट्टाधारी किसानों को संबंधित समितियों में आवेदन करने के लिए कहा गया है। 30 अक्टूबर के बाद प्राप्त आवेदन मान्य नहीं होंगे।

धान खरीद केंद्रों की तैयारियों को लेकर भी कलेक्टर ने सख्ती दिखाई। सभी केंद्रों को 25 अक्टूबर तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर साफ-सफाई, नमी मापक यंत्रों का कैलिब्रेशन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट और तौल उपकरणों का सत्यापन, बायोमेट्रिक डिवाइस, बारदाने, जल निकासी, बैनर-पोस्टर और निगरानी समिति की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। नए केंद्रों पर कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, जनरेटर, ऑपरेटर और केंद्र प्रभारी की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित की जाएगी।

कलेक्टर ने बताया कि मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 12 से 16 अक्टूबर तक, जिला एवं अनुविभाग स्तर का प्रशिक्षण 19 से 27 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। खरीद केंद्रों की संभागवार समीक्षा और ट्रायल रन नवंबर के पहले सप्ताह में होगा। किसानों के लिए टोकन की प्रक्रिया 6 नवंबर से शुरू होने तथा धान उपार्जन अवधि 15 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रस्तावित है।

उन्होंने पीडीएस बारदानों का समय पर संग्रहण, उपलब्धता की निगरानी और बकेट क्लेम के लक्ष्य की समीक्षा के निर्देश दिए। प्रत्येक तहसीलदार को 10 गांव चिन्हित कर अक्टूबर में पटवारियों के माध्यम से बकेट क्लेम की शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा गया है। पॉलीगॉन ऐप ट्रेसिंग की समस्याओं का समाधान और डिजिटल कृषि मोबाइल ऐप में प्रविष्टियों के लिए सर्वेयर लगाकर काम में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित समिति में जाकर अपने सभी खसरों का मिलान कराएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी खसरा पंजीयन से छूटा न हो। खसरे या पंजीयन में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तत्काल समिति स्तर पर सुधार कराएं। उन्होंने समिति प्रबंधकों को किसानों की समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी