कोरबा: कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय आईटीआई रामपुर का किया औचक निरीक्षण
कोरबा, 23 अप्रैल (हि. स.)। जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज गुरुवार को शासकीय आईटीआई रामपुर का विस्तृत निरीक्षण कर शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं प्रैक्टिकल प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान संस्थान में कई महत्वपूर्ण खामियाँ सामने आईं, जिन पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयसीमा के भीतर सुधार के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सबसे पहले लाइब्रेरी की स्थिति देखी, जहां भारी अव्यवस्था और पुरानी सामग्री का ढेर पाया गया। इस पर उन्होंने तत्काल व्यवस्था सुधारने और अनुपयोगी सामग्री का स्क्रैप डिस्पोजल करने के निर्देश दिए। वहीं उपस्थिति रजिस्टर और प्रशासनिक अभिलेख भी अव्यवस्थित पाए गए, जिस पर सभी रिकॉर्ड को अपडेट और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में गंभीर लापरवाही सामने आई, जहां 20 छात्रों में से केवल 3 ही उपस्थित मिले। इसके अलावा मशीनें पिछले दो वर्षों से खराब पाई गईं। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए 5 दिनों के भीतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग से संबंधित कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
स्टेनो ट्रेड में कंप्यूटर की कमी पर कलेक्टर ने पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने पासआउट छात्रों की ट्रैकिंग और सार्वजनिक उपक्रमों में प्लेसमेंट पर विशेष जोर देने की बात कही। स्टॉक रजिस्टर की स्थिति भी असंतोषजनक पाई गई, जिस पर 15 दिनों के भीतर इसे अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
ड्राफ्ट्समैन ट्रेड के निरीक्षण के दौरान ऑटो सीएडी/सीएएम लैब की आवश्यकता जताई गई, जिस पर कलेक्टर ने जल्द स्थापना के निर्देश दिए। वहीं मोटर मैकेनिक ट्रेड के अंतर्गत छात्रों के बेहतर प्लेसमेंट के लिए उद्योगों से समन्वय बढ़ाने तथा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए विशेष कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
मशीनिंग लैब की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी मशीनों को चालू हालत में रखने और खराब मशीनों को एक सप्ताह के भीतर सुधारने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार के लिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता सर्वोपरि है तथा संस्थान में पाई गई सभी कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर करना अनिवार्य होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

