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जांजगीर चांपा: ग्राम पंचायत करमा की ग्राम सभा में पहुंचे कलेक्टर, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानी जमीनी हकीकत

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जांजगीर चांपा: ग्राम पंचायत करमा की ग्राम सभा में पहुंचे कलेक्टर, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानी जमीनी हकीकत


जांजगीर चांपा: ग्राम पंचायत करमा की ग्राम सभा में पहुंचे कलेक्टर, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानी जमीनी हकीकत


जांजगीर-चांपा, 14 अप्रैल (हि. स.)।जांजगीर-चांपा जिले की बलौदा विकासखंड के ग्राम पंचायत करमा में आयोजित ग्राम सभा में आज मंगलवार को कलेक्टर जन्मेजय महोबे पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर जमीन पर बैठकर ग्रामीणों के बीच पहुंचे और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को परखा।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। कलेक्टर ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे भारतीय संविधान के शिल्पकार होने के साथ-साथ महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता और अर्थशास्त्री थे, जिनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय का मार्ग दिखाते हैं।

कलेक्टर ने ग्राम सभा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ग्रामीण स्वशासन की आधारशिला है, जहां गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा को सड़क, सिंचाई, किसान हितग्राही योजनाओं, नामांतरण, बंटवारा सहित कई विषयों पर निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। इस दौरान ग्राम सभा में विभिन्न प्रस्तावों, विकास कार्यों की समीक्षा, नए कार्यों के प्रस्ताव और जनसमस्याओं के निराकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।

ग्राम चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकान संचालक के अनुपस्थित मिलने पर उन्होंने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं जल जीवन मिशन से संबंधित शिकायत पर कार्यपालन अभियंता को तत्काल स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने स्वच्छता को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, नियमित कचरा संग्रहण और उसके लिए शुल्क निर्धारित करने पर जोर दिया। इस दौरान स्वच्छता कार्य में जुटी महिलाओं के प्रयासों की सराहना भी की गई।

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी भवन निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने बच्चों का अन्नप्राशन कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को सुपोषित छत्तीसगढ़ और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, जनप्रतिनिधि, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT