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जशपुर : 79 हजार श्रमिकों के खातों में 27 करोड़ ट्रांसफर, योजनाओं से मिल रहा सहारा

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जशपुर : 79 हजार श्रमिकों के खातों में 27 करोड़ ट्रांसफर, योजनाओं से मिल रहा सहारा


जशपुर : 79 हजार श्रमिकों के खातों में 27 करोड़ ट्रांसफर, योजनाओं से मिल रहा सहारा


जशपुर : 79 हजार श्रमिकों के खातों में 27 करोड़ ट्रांसफर, योजनाओं से मिल रहा सहारा


जशपुर, 28 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों के बैंक खातों में 27 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके हित में 70 से अधिक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारू बनी हुई है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिकों के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश की सीटें 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं। वहीं अपंजीकृत श्रमिकों के लिए भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत अब तक लगभग 496 करोड़ रुपये सीधे हितग्राहियों के खातों में भेजे जा चुके हैं।

उन्होंने अपने केंद्रीय श्रम मंत्री के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि भविष्य निधि में पड़ी बड़ी राशि को श्रमिकों के हित में उपयोग किया गया और पीएफ व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाया गया। साथ ही ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ और ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना’ के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि राज्य में श्रमिकों के लिए 3 मंडल और 70 से अधिक योजनाएं संचालित हैं। प्रदेशभर में 52 श्रमिक सम्मेलन आयोजित करने की योजना है, जिनमें से 12 अब तक पूरे हो चुके हैं और 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की जा चुकी है।

सम्मेलन के दौरान 12 विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों को लाभान्वित किया गया। इसमें नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, नोनी सशक्तिकरण योजना, सियान सहायता योजना, औजार सहायता योजना सहित कई योजनाएं शामिल रहीं, जिनके जरिए श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया गया।

जशपुर जिले में भी 1365 निर्माण श्रमिकों को करीब 49.35 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। इस पहल से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार और उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह