प्रवासी छत्तीसगढ़ियों की सहभागिता विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को करेगी मजबूत: विष्णु देव साय
रायपुर, 06 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की माटी से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका में अपनी पहचान बनाने वाले छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा जिले के गणेश कुमार कर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्नेह भरा पत्र लिखकर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने विदेश में रहते हुए भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जुड़े रहने तथा प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को एकजुट करने के उनके प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत पत्र प्राप्त होने पर गणेश कुमार कर ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र में कहा कि दंतेवाड़ा से अमेरिका तक की गणेश कुमार कर की यात्रा प्रेरणादायक है। विदेश में व्यस्त जीवन के बावजूद अपनी जन्मभूमि, भाषा, संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनका लगाव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरे अपनत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन के माध्यम से विदेशों में बसे छत्तीसगढ़ियों को एकजुट करने के श्री कर के प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि विदेश में अपनी बोली सुनने, तीज-त्योहारों को सामूहिक रूप से मनाने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने से प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को अपनी मातृभूमि से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।मुख्यमंत्री ने श्री कर द्वारा आयोजित ‘स्वदेशी मेला’ की पहल को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों, कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गणेश कुमार कर की ‘उड़ान’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए किए जा रहे प्रयास सामाजिक संवेदनशीलता और अपनी मातृभूमि के प्रति जिम्मेदारी का परिचय देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सफलता प्राप्त करने के साथ ही जरूरतमंद विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करना समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है।मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में विकसित भारत 2047 और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशों में बसे छत्तीसगढ़ियों का अनुभव, ज्ञान और अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री का पत्र पाकर गणेश कुमार कर ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पत्र प्राप्त होने पर श्री गणेश कुमार कर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो संदेश साझा कर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री का पत्र भी प्रदर्शित किया। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल वनांचल जिले से निकलकर अमेरिका में अपनी पहचान बनाने वाले श्री गणेश कुमार कर आज भी अपनी जन्मभूमि और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को संगठित करने, भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के उनके प्रयास जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

