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निजी स्कूल छोड़ प्राथमिक शाला खरतुली का रुख कर रहे बच्चे

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निजी स्कूल छोड़ प्राथमिक शाला खरतुली का रुख कर रहे बच्चे


धमतरी, 06 अगस्त (हि.स.)। शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासित वातावरण और लगातार किए जा रहे नवाचारों के चलते शासकीय प्राथमिक शाला खरतुली में अब कई पालकों का रुझान बढ़ा है। कई पालक अपने बच्चों को निजी स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में भर्ती करा रहे हैं। इससे स्कूल में बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ी है।

जहां अधिकांश सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या घटने की खबरें सामने आती हैं, वहीं खरतुली प्राथमिक शाला में लगातार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। स्थिति यह है कि निजी विद्यालयों और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले कई बच्चों के पालकों ने भी अपने बच्चों का प्रवेश इस सरकारी विद्यालय में कराया है। विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे पालकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में 68 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। इनमें से 23 विद्यार्थियों के पांचवीं उत्तीर्ण कर अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने के बाद छात्र संख्या 44 रह गई थी, लेकिन नए सत्र में 30 बच्चों के नए प्रवेश होने से दर्ज संख्या बढ़कर 74 पहुंच गई है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बन गई है। बच्चों के पालक कामता प्रसाद साहू, संतोष साहू, खेमलाल साहू, जगतू राम, देवेंद्र कुमार साहू का मानना है कि सरकारी स्कूल में सुविधा और पढ़ाई बेहतर हो तो भला कोई पालक अपने बच्चों को महंगे स्कूल में क्यों भर्ती कराएगा। यहां सुविधा के साथ अच्छी पढ़ाई हो रही है।

विद्यालय में पदस्थ प्रधानपाठक दीनबन्धु सिन्हा के नेतृत्व में शिक्षा को रोचक, प्रभावी और संस्कारयुक्त बनाने के लिए अनेक नवाचार किए गए हैं। आकर्षक प्रार्थना सभा, 'पालक चले स्कूल की ओर' अभियान, लेखन कौशल विकसित करने के लिए 'बाल मन' मासिक पत्रिका, 'चलो पढ़ें एक संग' कार्यक्रम, नकली टीवी के माध्यम से चार भाषाओं में अभिव्यक्ति कौशल, अंग्रेजी वार्तालाप, पहाड़ों का नियमित अभ्यास, देशभक्ति गीत, रोमांचक खेल गतिविधियां, दैनिक योग, स्मार्ट टीवी के माध्यम से अध्यापन और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी, खेल-खेल में शिक्षा, स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर तथा किचन गार्डन जैसी व्यवस्थाओं ने विद्यालय को बच्चों और पालकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया है।

सभी का सम्मिलित प्रयास आवश्यक

विद्यालय के प्रधानपाठक दीनबन्धु सिन्हा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और नवाचारों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए तो वे निजी विद्यालयों का प्रभावी विकल्प बन सकते हैं। खरतुली प्राथमिक शाला इसी सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है। इस कार्य में सभी का सम्मिलित प्रयास आवश्यक है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा