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धमतरी जिले के 56 परीक्षा केंद्रों में हुई छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा

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धमतरी जिले के 56 परीक्षा केंद्रों में हुई छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा


धमतरी, 04 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल रायपुर द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (सीजी सेट) रविवार को जिले के 56 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में हुई। पहली पाली के सामान्य प्रश्नपत्र में शिक्षा, शिक्षण-शोध और तकनीक से जुड़े सवाल पूछे गए। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने कई प्रश्नों को कठिन बताया। दूसरी पाली में चयनित विषय के अनुसार परीक्षा हुई।

परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के पहले ड्रेस कोड का पालन कराया गया। गहरे रंग के कपड़े, फुल आस्तीन की शर्ट, बेल्ट, जूते, घड़ी और कान के आभूषण पहनकर पहुंचे अभ्यर्थियों की जांच की गई। निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर कुछ अभ्यर्थियों को कपड़े बदलने या आभूषण उतारने के बाद प्रवेश दिया गया। कुछ अभ्यर्थी मूल पहचान पत्र लेकर नहीं पहुंचे थे। वहीं सुबह साढ़े नौ बजे के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से 11:15 बजे तक हुई। जिले में 10648 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 7828 उपस्थित और 2820 अनुपस्थित थे।

वहीं दूसरी पाली दोपहर दो से शाम सवा चार बजे तक हुई। इसमें 7789 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 2859 अनुपस्थित थे। दोनों पालियों में निर्धारित नियमों के अनुसार प्रवेश दिया गया। निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला। परीक्षा में सामान्य प्रश्नपत्र में शिक्षण-शोध, एनईपी-2020, अनुसंधान नैतिकता, बाल विकास, वैदिक शिक्षा व्यवस्था, न्याय दर्शन, आयोगों के गठन क्रम और संचार से जुड़े सवाल शामिल रहे। इसके अलावा वीडियो कान्फ्रेंसिंग, डेटा विश्लेषण, आईपी एड्रेस के डायनामिक आवंटन और पर्यावरण से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए। कुछ प्रश्नों में अभ्यर्थियों को दिए गए विकल्पों के आधार पर सही क्रम निर्धारित करना था, जबकि कुछ सवाल अवधारणात्मक समझ पर आधारित थे। दूसरी पाली में फार्म भरते समय अभ्यर्थियों द्वारा चुने गए विषय के अनुसार प्रश्नपत्र दिया गया। हिंदी, गणित, अंग्रेजी समेत विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों ने विषयवार परीक्षा दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थी प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों और उनके उत्तरों को लेकर चर्चा करते नजर आए।

अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य प्रश्नपत्र में 50 प्रश्न पूछे गए थे। गणित और कथन-कारण आधारित प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा। शिक्षण एवं शोध अभिवृत्ति से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए। कुछ प्रश्न सिलेबस के हिसाब से नहीं लगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा