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सीएचसी भवन ध्वस्त करने पर भड़का ग्रामीणों का आक्रोश,  एसईसीएल के दीपका जीएम कार्यालय में तालाबंदी

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सीएचसी भवन ध्वस्त करने पर भड़का ग्रामीणों का आक्रोश,  एसईसीएल के दीपका जीएम कार्यालय में तालाबंदी


सीएचसी भवन ध्वस्त करने पर भड़का ग्रामीणों का आक्रोश,  एसईसीएल के दीपका जीएम कार्यालय में तालाबंदी


कोरबा, 19 सितम्बर (हि. स.)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की दीपका विस्तार परियोजना के लिए हरदीबाजार क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बीच एसईसीएल प्रबंधन द्वारा हरदीबाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन को बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

कार्रवाई के विरोध में शनिवार को कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आज दीपका स्थित एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया और मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।

ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब क्षेत्र के लोग जागे, तब तक भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीएचसी भवन को ध्वस्त किया जा चुका था। अस्पताल भवन तोड़े जाने की सूचना फैलते ही ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और नई बसाहट से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान किए बिना इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।

हरदीबाजार और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शनिवार को दीपका पहुंचे। विधायक प्रेमचंद पटेल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 18 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के अधिकारों का निराकरण होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के मुआवजा निर्धारण और मुआवजा पत्रकों में कई विसंगतियां हैं। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और नई बसाहट की प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार रोजगार, उचित मुआवजा और समयबद्ध पुनर्वास शामिल है।

सीएचसी भवन के ध्वस्तीकरण और भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों तथा एसईसीएल प्रबंधन के बीच गतिरोध के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इस संबंध में एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी