छग विस : अमृत मिशन योजना के तहत जल आपूर्ति के मुद्दे पर मंत्री अरुण साव को सत्ता पक्ष के विधायकों ने घेरा
रायपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार काे प्रश्नकाल के दौरान वरिष्ठ भाजपा विधायकों अजय चंद्राकर, सुनील सोनी और राजेश मूणत ने रायपुर शहर में अमृत मिशन योजना के तहत जल आपूर्ति के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी , नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को जमकर घेरा। भाजपा विधायकों ने अमृत मिशन और जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए राजधानी में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा।
भाजपा विधायक भईया लाल राजवाड़े, अजय चंद्राकर, सुनील सोनी और राजेश मूणत ने कहा कि हर साल रायपुर के लोगों भीषण जल संकट से जूझना पड़ता है। जहां पानी टंकी है, वहां भी टैंकरों से पानी की सप्लाई हुई। विधायक अजय चंद्राकर ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि रायपुर में लगभग एक लाख घरों में अभी भी पानी नहीं पहुंचा है। अमृत मिशन योजना पूरे शहर और वार्डों के लिए थी, लेकिन इसका लाभ सभी नागरिकों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रायपुर के जिन 25 वार्डों में योजना लागू हुई थी, उनमें से 20 वार्डों में केवल आंशिक रूप से ही पानी क्यों दिया जा रहा है?रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी और रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने भी इस पर नाराजगी जताई कि शहर में करोड़ों की लागत से पानी की टंकियां तो बना दी गई हैं, लेकिन जनता को सुचारू रूप से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विधायक अजय चंद्राकर ने रायपुर में अमृत मिशन के क्रियान्वयन को लेकर विभागीय मंत्री अरुण साव से सवाल किया। मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि योजना के तहत अब तक 2 लाख 21 हजार घरों में पानी पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 928 टंकियों का प्रावधान है, जिनमें से 751 टंकियां पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें से 447 टंकियों से वर्तमान में जल प्रदाय शुरू कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि सभी घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। यदि किसी विशेष वार्ड या योजना में गड़बड़ी या गुणवत्ता की शिकायत मिलती है, तो सरकार उसकी निश्चित रूप से जांच कराएगी। मंत्री ने बताया कि रायपुर में 2016 से इसका क्रियान्वयन शुरू हुआ उपलब्ध राशि के हिसाब से 5 पैकेज की स्वीकृति हो पाई, जिसमें 20 में आंशिक रूप से उपलब्धता हो पाई। अभी 304 करोड़ का काम प्रक्रियाधीन है। जनसंख्या का भी लागतार प्रसार हो रहा हुआ, जल स्तर भी नीचे जा रहा है, फिर भी हम कोशिश कर रहे है कि सभी घरों तक नल कनेक्शन पहुंचे. आने वाले समय में सभी घरों तक पानी पहुंचने में सफल होंगे।
इस पर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैने परियोजना कितने वार्डों के लिए बनी यह पूछा? योजना कितने राशि की बनाकर भेजी गई? 1 लाख 21 घरों में पानी नहीं जा रहा है, आखिर योजना बनाई किसने थी? इस पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि फेस 1 में 10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों में प्रतिशत के हिसाब से राशि निर्धारित की गई। पर जब राशि कई चीजों के लिए उपलब्ध नहीं थी, वहां का कार्य नहीं हो पाया है। हम कार्य कर रहे हैं, जहाँ तक पानी नहीं पहुंचा है वहां भी पानी पहुंचे।
अजय चंद्रकार इसके बाद सवाल किया कि स्मार्ट सिटी से और 15वें वित्त आयोग से राशि का कितना प्रोविजन किया गया कितनी को पानी मिल रहा है? इस पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी जो 304 करोड़ का काम स्वीकृत हुआ है। 15वें वित्त से 45 करोड़ 33 लाख रु के लिए लाभांडी से अधोसंरचना और कई अन्य क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रावधान राशि के हिसाब से किए गए है।
अजय चंद्रकार ने सवाल किया कि लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कौन सी योजना के तहत पानी देता है और नगर निगम में पेय जल की आपूर्ति के लिए क्या सेटअप है? कौन व्यक्ति पेयजल के लिए जिम्मेदार है? इस पर अरुण साव ने बताया कि पेयजल के लिए और उसकी जांच के लिए पूरा सेटअप है। एक्ज़िक्यूटिव इंजिनियर सभी कार्यों के लिए अपना कार्य कर रहे है।पूर्व में पीएचई ही सारी योजना संचालित करती थी, उनके द्वारा किया गया ही कार्य है।
इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी कौन सी योजना के तहत पानी देता है मेरा सवाल यह है? जिसका जवाब नहीं आया। अगर मेरा सवाल गलत है तो कार्यवाही कर सकते हैं। भाजपा विधायक भईयालाल राजवाड़े ने अपने विधानसभा क्षेत्र बैकुंठपुर में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार मिशन के कार्यों की लगातार समीक्षा कर रही है और जहां भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

