home page

छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 2 लाख 35 हजार नए मतदाता जोड़े गए

 | 

रायपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर ) के बाद मतदाता सूची से 24,99,823 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद छूटे हुए और नए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने के लिए राज्य के 33 जिलों में 27,196 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तैनात किया गया है। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत राज्य में अब तक 2,35,000 नए मतदाता जोड़े भी गए हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के निर्देशों के अनुसार, मतदाताओं की सुविधा के लिए हर सप्ताह बुधवार और गुरुवार को विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से निर्वाचन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को मैदान में उतार दिया है। इसके अलावा, आज शुक्रवार और शनिवार को स्कूल-कॉलेजों व उच्च शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं के पंजीकरण के लिए अभियान चलाया जाएगा।

एसआईआर प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची से कुल 24,99,823 नाम बाहर किए गए थे। इनमें 6.42 लाख मृत और 19.13 लाख से अधिक अनुपस्थित या स्थानांतरित मतदाता शामिल थे।

विभाग ने प्रदेश के 33 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 90 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 377 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 2719 बूथ स्तरीय पर्यवेक्षकों और 27,196 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है। ये अधिकारी-कर्मचारी पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरने में सहायता करेंगे। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति के लिए फार्म-7 और नाम-पते में सुधार, निवास स्थान बदलने सहित अन्य संशोधनों के लिए फार्म-8 की सुविधा दी जा रही है। एसआईआर के दौरान जो लोग अपने घर पर नहीं मिले थे या जिनका पता बदल गया था, ऐसे अनुपस्थित और स्थानांतरित श्रेणी के लगभग 19 लाख मतदाताओं का दोबारा सत्यापन करने के लिए बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म-6 भरवाएंगे।

मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों और आवेदन भरने में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान मतदाता सूची से अलग-अलग कारणों से हटाए गए नामों का भी दोबारा सत्यापन किया जाएगा। बूथ लेवल अधिकारियों को फार्म-6 भरवाने और अपने क्षेत्र में मतदाताओं का सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सहित उन 20 राज्यों में जहां विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने के लिए अक्टूबर 2026 में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा