राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को प्रथम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार
रायपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में प्रथम पुरस्कार वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ‘बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़’की प्रदर्शनी के लिए दिया गया । जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और नवाचारों का आकर्षक संगम बनकर उभरी। विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में आ रहे बदलाव और ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाली इस प्रदर्शनी को राज्योत्सव में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
‘बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़’की प्रदर्शनी में नक्सलवाद से मुक्त होते बस्तर में भय से विश्वास तक की यात्रा को दर्शाया गया। प्रदर्शनी में कांगेर घाटी सफारी, तुंगल बांध, देवगुड़ी, धुरवा होमस्टे, प्रदेश के प्रथम रामसर स्थल कोपरा जलाशय और काले हिरण की वापसी जैसी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ के अनुरूप मंडप में यह भी दिखाया गया कि वनांचल की महिलाएं और युवा इको-पर्यटन एवं वनोपज के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रहे हैं।
द्वितीय पुरस्कार – पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
विभाग के स्टॉल में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन-ग्रामीण), छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पंचायत संचालनालय एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और नवाचारों का आकर्षक संगम बनकर उभरी। विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में आ रहे बदलाव और ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाली इस प्रदर्शनी को राज्योत्सव में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रदर्शनी में जहां बिहान की दीदियों के हुनर से तैयार ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया, वहीं धमतरी जिले की पीएम जनमन आवास कॉलोनी के जीवंत मॉडल और अपशिष्ट प्लास्टिक से सड़क निर्माण जैसे नवाचारों ने ग्रामीण विकास की नई संभावनाओं से परिचित कराया।
तृतीय पुरस्कार – आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास विभाग
विभाग की प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति ग्राम अखड़ा विकास योजना, बैगा-पुजारी सम्मान निधि योजना, देवगुड़ी परिरक्षण एवं विकास योजना, आदि सेवा केंद्र, प्रयास आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना और आदि वाणी के प्रचार-प्रसार को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही प्रकाशित पुस्तकों की प्रदर्शनी और सेल्फी पॉइंट भी आकर्षण का केंद्र रहे।
उत्कृष्ट पुरस्कार – कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग
कृषि विभाग की प्रदर्शनी में पड़ती भूमि और ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन-तिलहन की खेती, समन्वित कृषि प्रणाली, आत्मनिर्भर दलहन मिशन और राष्ट्रीय तिलहन मिशन की जीवंत प्रदर्शनियां लगाई गईं। इसके अलावा खेत बचाओ अभियान के तहत मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती को भी प्रदर्शित किया गया।
विभिन्न कृषि यंत्रों के साथ जलग्रहण का मॉडल प्रस्तुत किया गया। उद्यानिकी फसलों और योजनाओं के प्रदर्शन के साथ तिलपिया सहित विभिन्न मत्स्य तकनीकों और पशुपालन की जानकारी भी दी गई। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कामधेनु विश्वविद्यालय, उद्यानिकी विश्वविद्यालय, कॉफी बोर्ड, बीज निगम, बीज प्रमाणीकरण, मंडी बोर्ड और गौ सेवा आयोग की गतिविधियों को भी आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया।
विशेष पुरस्कार – सड़क एवं परिवहन विभाग
सड़क एवं परिवहन विभाग को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रमों के पुरस्कार
राज्योत्सव 2026 की प्रदर्शनी में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रमों की श्रेणी में भारत संचार निगम लिमिटेड को प्रथम, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को द्वितीय और भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रथम पुरस्कार – भारत संचार निगम लिमिटेड : टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा संचालित योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी।
द्वितीय पुरस्कार – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ‘हमर रेलवे, हमर छत्तीसगढ़’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी।
तृतीय पुरस्कार – भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको): राज्य के विकास में महिला सशक्तिकरण का योगदान विषय पर आधारित प्रदर्शनी।
छत्तीसकला से बिहान की दीदियों के हुनर को मिली नई पहचान
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की अभिनव पहल ‘छत्तीसकला’ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग के साथ प्रस्तुत किया गया। जेराफूल चावल, मिलेट आधारित खाद्य पदार्थ, तिखुर पाउडर, सत्तू लड्डू सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों, हस्तशिल्प और सजावटी सामग्रियों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

