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छत्तीसगढ़ में पूर्व सरपंच सहित 14 लोगों के एसटी प्रमाण पत्र निरस्त करने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित

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छत्तीसगढ़ में पूर्व सरपंच सहित 14 लोगों के एसटी प्रमाण पत्र निरस्त करने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित


सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एसटी प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग की जाएगी

कांकेर, 07 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित बड़े तेवड़ा गांव में आज रविवार काे आयाेजित विशेष ग्रामसभा के दौरान 14 मतांतरित लोगों के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का संकल्प प्रस्ताव पारित किया गया है। इनमें गांव के पूर्व सरपंच रजमन सलाम का नाम भी शामिल है।

ग्राम सभा में लिए गए निर्णय के आधार पर सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग की जाएगी। ग्राम सभा में चर्चा के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस निर्णय का भी उल्लेख किया गया, जिसमें मतांतरित व्यक्ति का अनुसूचित जाति दर्जा समाप्त होने की बात कही गई थी। वहीं अप्रैल में लागू संशोधित छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून का भी जिक्र किया गया, जिसमें अवैध मतांतरण पर 10 से 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

तेवड़ा के सरपंच सामसिंह सर्फे ने बताया कि बड़े तेवड़ा गांव में पांचवीं अनुसूची क्षेत्र, पेसा कानून 1996 और छत्तीसगढ़ पेसा कानून 2022 के प्रावधानों के तहत विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई थी। इस बैठक में गांव के मतांतरित लोगों को लेकर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। ग्राम सभा के प्रस्ताव में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत गोंड समुदाय अनुसूचित जनजाति के रूप में अधिसूचित है। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि सूचीबद्ध व्यक्तियों ने गोंड समाज की पारंपरिक रीति-रिवाज, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं का त्याग कर ईसाई धर्म अपना लिया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि संबंधित लोग जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कार ईसाई परंपराओं के अनुसार संपन्न कराते हैं। साथ ही वे गोंड समाज के जतरा, देवस्थानों और पारंपरिक धार्मिक व्यवस्थाओं को नहीं मानते। ग्राम सभा ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोग गांव के पारंपरिक पुजारी, गायता और बैगा को स्वीकार नहीं करते। ग्राम सभा ने स्पष्ट किया है कि वह इन 14 लोगों को गोंड समुदाय की मान्यता नहीं देती। उन्हाेंने बताया कि बड़े तेवड़ा गांव पहले भी मतांतरण विवाद को लेकर चर्चा में रह चुका है। दिसंबर 2025 में पूर्व सरपंच रजमन सलाम के पिता के शव को दफनाने के मुद्दे पर गांव में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान एडिशनल एसपी आशीष बंछोर समेत पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों सहित 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद मतांतरित परिवार गांव छोड़कर चले गए थे। बाद में लौटने पर 12 लोगों ने मूल धर्म में वापसी कर ली। गांव की कुल आबादी 681 है, जबकि वर्तमान में 14 लोग ही मतांतरित बताए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे