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धान खरीद के नए नियम किसानों को परेशान करने की साजिश : दीपक बैज

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धान खरीद के नए नियम किसानों को परेशान करने की साजिश : दीपक बैज


रायपुर, 6 नवंबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ में धान खरीद को लेकर भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बायोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता, टोकन की संख्या सीमित करने और खरीद की अवधि घटाने को किसानों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला निर्णय बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को धान बेचने से रोकने और खरीद का आंकड़ा कम करने की साजिश कर रही है।

दीपक बैज ने कहा कि, ओटीपी के स्थान पर बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य करना, रकबे के आधार पर टोकन की संख्या सीमित करना और टोकन निरस्त होने की आशंका किसानों के लिए नई मुसीबत खड़ी करेगी। सर्वर डाउन, नेटवर्क की समस्या और बायोमेट्रिक मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण किसानों को खरीदी केंद्रों में घंटों इंतजार करना पड़ेगा। फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर किसानों को वापस लौटना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने टोकन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाया था, जबकि वर्तमान सरकार ने दो एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिए केवल एक टोकन की सीमा तय कर दी है। इससे छोटे और सीमांत किसानों पर एकमुश्त धान की कटाई, परिवहन और बिक्री का दबाव बढ़ेगा।

बैज ने सवाल उठाया कि क्या छोटा किसान एक ही बार में पूरा धान काटकर खरीद केंद्र तक पहुंचा सकता है? बायोमेट्रिक सत्यापन फेल होने या सर्वर डाउन होने से टोकन निरस्त होने पर किसानों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने तुंहर टोकन ऐप की तकनीकी समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मौसम की मार और खेतों में नमी के बीच खरीद की अवधि 15 दिन पहले समाप्त करने का निर्णय किसानों के हितों के खिलाफ है। इससे किसानों को अपना धान औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

उन्होंने भाजपा सरकार से धान खरीदी के नियमों में किसानों को राहत देने की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार को जटिल नियमों की आड़ में किसानों का हक छीनने के बजाय खरीदी प्रक्रिया सरल बनानी चाहिए। अन्नदाताओं को परेशान करना बंद कर सरकार उनके हितों की रक्षा करे।

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर