छत्तीसगढ़ में वीबी-जी राम जी योजना के तहत 15 अगस्त से 26 जनवरी 2027 तक 3 विशेष अभियान -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
-मुख्यमंत्री साय की पत्रकार वार्ता
रायपुर, 06 अगस्त (हि.स.)।छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से लागू हुए विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी ) ग्रामीण कानून के तहत आगामी 15 अगस्त से 26 जनवरी 2027 तक 3 विशेष अभियान शुरू किए जा रहे हैं, जिसके तहत ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी और बढ़ी हुई मजदूरी मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार रायपुर स्थित मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि राज्य में ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के तहत प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों को साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है। साथ ही दैनिक मजदूरी में ₹39 की बढ़ोतरी कर इसे ₹300 प्रतिदिन कर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में वीबी-जी राम जी के लिए 5,591.42 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट रखा गया है। वहीं अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस नई योजना के जरिए ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी, ₹300 दैनिक मजदूरी और स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण जैसे 'मोर बेटी मोर अभिमान' अभियान का लाभ मिलेगा।
पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में योजना के संचालन के लिए राज्य के अंश सहित कुल ₹5191 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पहले शुरुआती तीन महीनों में ₹1264 करोड़ के रोजगार गारंटी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इस प्रकार छत्तीसगढ़ को चालू वित्त वर्ष के लिए कुल ₹6855 करोड़ रुपये की राशि मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में ग्रामीण विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। केंद्र सरकार द्वारा प्रथम किस्त के रूप में ₹1538.93 करोड़ की राशि जारी भी कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत गांवों में कुल 318 तरह के काम कराए जाएंगे, जिन्हें चार मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें जल सुरक्षा व संरक्षण के 107 काम, ग्रामीण अधोसंरचना के 90 काम, आजीविका संवर्धन के 86 काम और आपदा प्रबंधन व जलवायु अनुकूलन से जुड़े 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10,027 बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपये की लागत से सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। प्रति इकाई लागत लगभग 52 हजार रुपये निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में 318 प्रकार के कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें 107 प्रकार के जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य, 90 प्रकार के ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य, 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्य तथा 35 प्रकार के जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन संबंधी कार्य शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि खेती-किसानी के मौसम को ध्यान में रखते हुए वर्ष में दो महीने यह योजना बंद रहेगी, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आसानी से मजदूर मिल सकें और खेती का काम प्रभावित न हो। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 26 जनवरी 2027 तक तीन बड़े विशेष अभियानों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पहला अभियान ‘मेरी बेटी मेरा अभिमान’ 15 अगस्त से शुरू होगा, जिसके तहत 6,671 सरकारी स्कूलों में ₹286.85 करोड़ की लागत से बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। दूसरा अभियान मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय निर्माण का है, जिसमें पूरे प्रदेश के गांवों में ₹18.22 करोड़ की लागत से 6,534 मुक्तिधाम और शेड बनाए जाएंगे। तीसरा अभियान ‘मोर गांव मोर पानी’ है, जिसके तहत 10,027 सूखे हैंडपंपों को ₹52.14 करोड़ की लागत से रिचार्ज करने का काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रेस वार्ता में उपस्थित गृहमंत्री विजय शर्मा, पंचायत विभाग की अपर मुख्य सचिव रिचा शर्मा और योजना के आयुक्त का स्वागत करते हुए मजदूरों के हितों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी व्यवस्था के विपरीत अब सरकार के पास बजट की अग्रिम राशि उपलब्ध है, इसलिए मजदूरी के भुगतान में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होगा। पूर्व के ₹450 करोड़ के बकाया भुगतान में से ₹395 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है और शेष बकाए का निपटारा एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों से अपील की है कि वे तीनों प्रमुख अभियानों से संबंधित कार्यों के प्रस्ताव तत्काल जनपद पंचायतों को भेजें, ताकि उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा सके।
पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

