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शहर में मवेशी धरपकड़ अभियान बंद, लोग हो रहे परेशान

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शहर में मवेशी धरपकड़ अभियान बंद, लोग हो रहे परेशान


धमतरी, 31 अगस्त (हि.स.)। शहर से गुजरे पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर कलेक्ट्रेट तक मवेशियों की घुसपैठ बढ़ गई है। कलेक्ट्रेट की कंपोजिट बिल्डिंग पार्किंग एरिया और अन्य स्थानों पर मवेशियों का जमावड़ा है। आवाजाही के स्थाप पर मवेशियों के झुंड से खतरा बना हुआ है। नगर निगम और जिला प्रशासन को इस और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

शहर में मवेशी धरपकड़ अभियान बंद होने के कारण पुराने नेशनल हाईवे और गलियों में बेसहारा और पालतू मवेशियों का जमावड़ा लगा है। इसके चलते लोग खासे परेशान हैं। नगर निगम और पुलिस विभाग द्वारा किसी तरह की कार्रवाई न होने से फिर से पहले की तरह माहौल हो गया है। अर्जुनी मोड़ से लेकर के श्यामतराई कृषि उपज मंडी के बीच कई स्थानों पर मवेशियों को बैठे हुए देखा जा सकता है। बठेना पावर हाउस, नया बस स्टैंड, सिहावा चौक, पुराना बस स्टैंड, रत्नाबांधा चौक, बाम्बे गैरेज क्षेत्र, अंबेडकर चौक, सोरिद पुल, कृषि उपज मंडी के पास मवेशी बैठे रहते हैं। इसके चलते वाहन चालक मवेशी से टकराकर घायल हो जाते हैं। इसी तरह से नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सड़क के किनारे कई कार श्रृंगार और रिपेयरिंग सेंटर की दुकानें खुली हुई, जो सड़क में गाड़ियां खड़ी करके गाड़ी को सजाते रहते हैं। इससे कई दफे सड़क में जाम लगते रहता है। इस और भी पुलिस और यातायात विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करना चाहिए।

शहर के नागरिक सागर सोनी ने कहा कि नगर निगम को मवेशी धरपकड़ अभियान फिर से शुरू करना चाहिए। धरपकड़ बंद होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। पूर्व में अभियान चलने से इसका बेहतर रिजल्ट देखने को मिला था अब नगर निगम के कांजी हाउस खाली पड़े हुए हैं। मवेशी सड़कों पर नजर आ रहे हैं। मवेशी मालिकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। व्यवसायी अनिल साहू ने कहा कि नगर निगम को प्राथमिकता के साथ मवेशियों की धरपकड़ करनी चाहिए। प्रशासन की योजना कागजों में तो बहुत बढ़िया दिखती है, लेकिन धरातल पर कार्य नहीं दिखता। सप्ताह भर पहले जिला प्रशासन की चुस्त बैठक के बाद लगा था कि अब सड़क में मवेशी नहीं दिखेंगे, लेकिन बैठक को बीते सात दिन हो गए अब तक मवेशियों की धरपकड़ शुरू नहीं हो पाई है।

इस संबंध में निगम आयुक्त अरुण कुमार वर्मा ने कहा कि मवेशियों की धरपकड़ लगातार की जा रही है। बारिश के समय जानवरों की धरपकड़ करते हैं। अभी इस संबंध में फिर से योजना बनाकर बेसहारा मवेशियों की धरपकड़ करेंगे। साथ ही मवेशी मालिकों पर जुर्माना भी ठोका जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा