सक्ती में गाली-गलौज की रंजिश में नृशंस हत्या, 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपित और विधि से संघर्षरत बालक गिरफ्तार
सक्ती, 04 फरवरी(हि.स.)। थाना सक्ती क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मसनियाकला में गाली-गलौज की पुरानी रंजिश को लेकर की गई नृशंस हत्या के मामले में सक्ती पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित सहित एक विधि से संघर्षरत बालक को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और सघन जांच का परिणाम मानी जा रही है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 फरवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सक्ती से सूचना मिली कि सम्मे लाल श्रीवास, पिता लहाराम श्रीवास, निवासी मसनियाकला, को धारदार हथियार से गंभीर चोटें आने के कारण भर्ती कराया गया है। घायल की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उच्च उपचार हेतु रिफर किया, लेकिन उपचार के दौरान शासकीय अस्पताल जांजगीर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल मेमो प्राप्त होते ही थाना सक्ती पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और घटनास्थल ग्राम मसनियाकला पहुंचकर निरीक्षण किया गया। प्रकरण के प्रार्थी टीकाराम श्रीवास के कथन के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि रात के समय अज्ञात व्यक्तियों ने घर में घुसकर हत्या की नीयत से सम्मे लाल श्रीवास पर धारदार हथियार से सिर, गला, माथा और शरीर के अन्य हिस्सों पर प्राणघातक वार किए थे।
प्रथम दृष्टया अपराध धारा 103(1) एवं 332(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा साइबर यूनिट, डॉग स्क्वायड एवं एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। आसपास के लोगों से पूछताछ, आने-जाने के रास्तों की निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि घटना की रात दो संदिग्ध युवक मृतक के घर के आसपास रेकी करते देखे गए थे, जो वारदात के बाद गांव से फरार हो गए थे।
लगातार पतासाजी के दौरान सूचना मिली कि दोनों संदिग्ध मसनियाकला के पहाड़ी क्षेत्र में छिपे हुए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपित मोहनीश कुमार कर्मवीर (37 वर्ष), निवासी मसनियाकला, ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 02 फरवरी 2026 को मृतक द्वारा उसे और उसके परिवार को अश्लील गालियां दी गई थीं, जिससे वह आक्रोशित हो गया। इसी रंजिश में उसने गांव के एक विधि से संघर्षरत बालक के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और रात में मृतक के घर में घुसकर टांगी से 6–7 बार वार कर उसकी हत्या कर दी।
आरोपितों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे की टांगी, खून से सना काले रंग का लोवर तथा विधि से संघर्षरत बालक द्वारा उपयोग किया गया मोबाइल फोन विधिवत जप्त किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मुख्य आरोपी मोहनीश कुमार कर्मवीर को 04 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को नियमानुसार बाल न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

