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23,723 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 3.92 करोड़ रुपये का बोनस

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23,723 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 3.92 करोड़ रुपये का बोनस


3.84 करोड़ सीधे खातों में पहुंचे

धमतरी, 24 जुलाई (हि.स.)। वनाश्रित परिवारों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए जिले के 23,723 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को तीन करोड़ 92 लाख रुपये का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) स्वीकृत किया है। बोनस की राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। अब तक 3 करोड़ 84 लाख रुपये का भुगतान सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जबकि शेष पात्र संग्राहकों को भी शीघ्र राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित कृषि मंडपम में राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के दौरान बोनस वितरण का शुभारंभ किया था, जिसके बाद धमतरी जिले में भी भुगतान प्रक्रिया तेज गति से जारी है। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, वनमंडल धमतरी के प्रबंध संचालक एवं वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्ण ने बताया कि वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता विक्रय में लाभ अर्जित करने वाली जिले की 25 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 212 फड़ों से जुड़े ग्रामों के संग्राहक परिवारों को यह बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए शासन ने 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण दर निर्धारित की है, जिससे संग्राहकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वर्ष 2026 में जिले को 26,800 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य मिला था, जिसके विरुद्ध 23,751 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया, जो लक्ष्य का 88.70 प्रतिशत है। इस कार्य में 26,550 संग्राहकों ने भागीदारी निभाई, जिन्हें 13 करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक का पारिश्रमिक दिया जा चुका है। वहीं वर्ष 2025 में 25,275.63 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित हुआ था, जिसके लिए 27,887 संग्राहकों को 13 करोड़ 90 लाख रुपये का पारिश्रमिक वितरित किया गया था। तेन्दूपत्ता संग्राहकों के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी प्रभावी संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 27,532 महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में 28,723 पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2022 के बोनस के रूप में 24,529 संग्राहकों को 6 करोड़ 33 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

वनधन विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 144.68 क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण कर 64 संग्राहकों को लगभग 3.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया। समूह बीमा योजना के अंतर्गत मई 2026 तक प्राप्त 258 प्रकरणों में से 205 प्रकरणों का निराकरण कर 24.60 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई, जबकि राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 392 प्रकरणों में से 339 प्रकरणों को स्वीकृति देकर लगभग 4 करोड़ 43 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई। शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में 347 छात्र-छात्राओं को 39.13 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जिससे संग्राहक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिला।

वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए कल्लेमेटा में स्थापित वनधन विकास केंद्र के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को दोना-पत्तल निर्माण, बांस आधारित उत्पादों और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। तेन्दूपत्ता संग्रहण, बोनस वितरण, सामाजिक सुरक्षा, बीमा, शिक्षा और स्वरोजगार जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से वनाश्रित परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा