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बिलासपुर मस्तूरी गोलीकांड: आधी रात इनामी आरोपित के घर पुलिस की दबिश, ढाई घंटे तलाशी के बाद भी नहीं मिला सुराग

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बिलासपुर मस्तूरी गोलीकांड: आधी रात इनामी आरोपित के घर पुलिस की दबिश, ढाई घंटे तलाशी के बाद भी नहीं मिला सुराग


बिलासपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला के मस्तूरी गोलीकांड में फरार इनामी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस नेता और मुख्य आरोपित नागेंद्र राय के ठिकाने पर दबिश दी गई, जहां परिजनों के विरोध के बावजूद डॉग स्क्वायड और सशस्त्र बलों के साथ विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आरोपित का कोई सुराग नहीं मिल सका।

पुलिस अफसर और जवानों की टीम बीते रात करीब एक बजे तोरवा क्षेत्र के लालखदान-महमंद पहुंची, जहां कांग्रेस नेता नागेंद्र राय के घर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में घर के हर कमरे और आसपास के हिस्सों की बारीकी से जांच की गई।

तलाशी के दौरान डॉग स्क्वायड की टीम भी मौजूद रही, वहीं सशस्त्र जवानों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्चिंग की। करीब ढाई घंटे तक चली इस कार्रवाई के बावजूद आरोपित नागेंद्र राय का कोई सुराग नहीं मिल सका।

सर्च ऑपरेशन के दौरान परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। बेटे, भतीजे सहित अन्य सदस्यों ने बहसबाजी करते हुए पुलिस को रोकने की कोशिश की और आधी रात छापेमारी पर आपत्ति जताई। स्थिति को देखते हुए पुलिस को कार्रवाई के दौरान कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।

इसके बाद तोरवा पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इस मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने फरार आरोपित नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस लंबे समय से दोनों की तलाश कर रही है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को इनपुट मिला था कि नागेंद्र राय अपने घर में छिपा हो सकता है, इसी आधार पर पूरी तैयारी के साथ यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि मौके पर वह नहीं मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपित राज्य से बाहर भी हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि 29 अक्टूबर को मस्तूरी बस स्टैंड स्थित ऑफिस में जनपद उपाध्यक्ष नीतेश सिंह अपने साथियों के साथ बैठे थे। इसी दौरान नकाबपोश बाइक सवार पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में नीतेश सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

जांच में सामने आया कि मामला रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी वारदात की साजिश कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले की अगुवाई में रची गई थी, जबकि युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत के गैंग की भूमिका भी सामने आई। इस मामले में कांग्रेस नेता अकबर खान की भूमिका के भी साक्ष्य मिले, जिसके बाद पुलिस ने विश्वजीत अनंत, अकबर खान और उसके भाई समेत 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक नाबालिक को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं।

एक आरोपित की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। हालांकि, इस पूरे मामले में मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र राय और टाकेश्वर पाटले अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय