बीजापुर पटवारी संघ ने पदोन्नति व वेतन विसंगति पर त्वरित समाधान की मांग
बीजापुर, 03 अगस्त (हि.स.)। राजस्व पटवारी संघ, छत्तीसगढ़ ने पटवारियों की पदोन्नति और वेतन निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया और वेतन निर्धारण की त्रुटियों के कारण प्रदेशभर के पटवारियों में व्यापक असंतोष है, जिसे लेकर आज साेमवार काे बीजापुर के राजस्व पटवारी संघ ने एक दिवसीय प्रर्दशन किया है।
पटवारी संघ से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में पटवारियों की पदोन्नति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं है। परिणाम स्वरूप कई कर्मचारी पूरी सेवा पटवारी पद पर ही बिताकर उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इससे कर्मचारियों के मनोबल के साथ-साथ कार्यकुशलता भी प्रभावित हो रही है।
पटवारी संघ ने मांग की है कि राजस्व निरीक्षक (आरआई) के पदों पर सीधी भर्ती पूरी तरह बंद की जाए तथा सभी रिक्त पद केवल पटवारियों की पदोन्नति से भरे जाएं। साथ ही पदोन्नति व्यवस्था में 50 प्रतिशत पद वरिष्ठता और 50 प्रतिशत विभागीय परीक्षा के आधार पर निर्धारित किए जाएं तथा लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
संघ ने वेतन निर्धारण में भी गंभीर विसंगति का मुद्दा उठाया है। संघ के अनुसार वर्ष 2010 बैच के पटवारियों में ग्रेड पे बढ़ने के बावजूद मूल वेतन कम निर्धारित किया गया है, जो वेतन संरचना के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। उनका कहना है कि इस त्रुटि से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और भविष्य में वेतनवृद्धि, पदोन्नति, पेंशन सहित अन्य सेवा लाभ भी प्रभावित हो सकते हैं। संघ ने यह भी कहा कि वेतन विसंगति के कारण कोष एवं लेखा सत्यापन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं तथा अनावश्यक रिकवरी की आशंका बनी हुई है। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि सभी भर्ती बैचों की वेतन विसंगतियों की जांच कर न्यायोचित समाधान किया जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

